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ऽमार्केस ऑफ लिनलिथगो का श्री एमेरी को तार
तार, एमएसएस, ईयूआर, एफ. 125/23
नई दिल्ली, 23 जुलाई, 1942, 5-35 बजे अपराह्न
प्रातः 23 जुलाई, 5-30 अपराह्न तत्काल
संख्या 2169-एस ल्यूमले द्वारा प्रेषित, दिनांक 22 जुलाईः-
प्रारंभ-अम्बेडकर ने गत रात एक सशक्त भाषण दिया जिसमें उन्होंने ऐसे समय में नागरिक अवज्ञा आंदोलन को ‘‘भारत के प्रति विश्वासघात’’ और ‘‘शत्रु जैसा व्यवहार’’ बताया तथा सभी भारतीयों को देशभक्त का कर्त्तव्य निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि ‘‘वे अपनी समस्त शक्ति और साधनों से कांग्रेस द्वारा नागरिक अवज्ञा आंदोलन के चलाने के प्रयत्न का विरोध करें।’’
उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह दिल्ली जाने से पूर्व एक वक्तव्य जारी करेंगे जिसमें ऐसी नीति प्रख्यापित की जाएगी जिसका अनुसरण स्वतंत्र श्रम दल और अन्य सहयोगी संगठनों को अवश्य करना चाहिए। उन्होंने श्रोताओं (अपने अनुयायियों) से कहा कि वे इस वक्तव्य का अध्ययन करें और उसमें निहित निदेशों का पालन करें। समाप्त
ऽद ट्रान्सफर ऑफ पॅावर, खंड 2, संख्या 310, पृष्ठ 436