10. डा. अम्बेडकर का मार्केस ऑफ लिनलिथगो को पत्र - Page 88

सत्ता हस्तान्तरण संबंधी महत्वपूर्ण पत्र-व्यवहार

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जातियों के दो प्रतिनिधियों की नियुक्ति 26-27

  1. निम्नांकित में आरक्षण द्वारा तकनीकी प्रशिक्षण के लिए

सुविधाएं 26-27

(क) सरकारी मुद्रणालयों में प्रशिक्षार्थी, और 27

(ख) केन्द्रीय रेलवे कार्यशालाओं में प्रशिक्षार्थी 27-28

III . अन्य शिकायतें-

  1. अनुसूचित जातियों की सामाजिक और राजनीतिक

शिकायतों के पर्याप्त प्रचार की व्यवस्था 29-30

  1. लोक निर्माण विभाग में सरकारी ठेका पद्धति में

स्थान देने हेतु अनुसूचित जातियों के सदस्यों के

लिए विशेष प्रावधान 30-31

  1. मैं यह सारांश इसलिए दे रहा हूं कि मैं अनुभव करता हूं कि आपके लिए यह संभव नहीं होगा कि आप पूरे ज्ञापन का अध्ययन करने का समय निकाल सकें। परंतु यदि आप पूरा ज्ञापन पढ़ नहीं पाते, तो मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप कम से कम ज्ञापन के भाग IV (पृष्ठ 32-36) का अध्ययन अवश्य करें। ज्ञापन के उस भाग में मैंने अनुसूचित जातियों और एंग्लो-इंडियनों की दशा का तुलनात्मक विवरण दिया है तथा उसे बेहतर बनाने के प्रयत्नों का उल्लेख किया है। मैं आपसे उसके अध्ययन के लिए निवेदन करता हूं क्योंकि मैं यह अनुभव करता हूं कि आप उसके अवलोकन से यह पाएंगे कि वे मांगे कितनी न्यायपूर्ण और सामान्य हैं जिनका मैंने उल्लेख किया है तथा भारत सरकार ने उस वर्ग को ऊंचा उठाने में क्या किया है। इस मामले में अनुसूचित जातियों से बढ़कर किसी अन्य जाति का दुर्भाग्य नहीं है।

  2. मुझे यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि मैं आशा करता हूं कि आपके जाने से पूर्व अनुसूचित जातियों की शिकायतों का समाधान हो जाएगा। मुझ पर विश्वास करिए कि मैंने बड़े दुःख के साथ यह पढ़ा है कि आप आगामी अप्रैल में अपने कार्यालय को छोड़ देंगे। मुझे इस बारे में कुछ भी ज्ञात नहीं है कि आपका उत्तरदाधिकारी कौन होगा और वह अनुसूचित जातियों के प्रति कैसा रूख अपनाएगा। आपमें मेरा बहुत विश्वास है कि आप अनुसूचित जातियों के हितकारी हैं। आपने उनके लिए यह महान कार्य किया है कि उनके प्रतिनिधि को कार्यकारी परिषद् में एक स्थान दिला दिया है। यह अत्यन्त क्रांतिकारी कार्य है जिसका कोई अन्य उदाहरण भारत के इतिहास में नहीं मिल सकता। मुझे कोई संदेह नहीं है, और अनुसूचित जातियों के