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* औद्योगिक संस्थानों में श्रमिकों
की हाल की हड़ताल
16. श्री के.सी. नियोगीः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या हाल के सप्ताहों के दौरान, लोहा तथा इस्पात (स्टील) कोयला तथा कपड़ा जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक संस्थानों में श्रमिकों की हड़ताल रही है_ और
(ख) यदि हां तो क्या माननीय सदस्य इन हड़तालों की मुख्य विशेषताओं के संबंध में एक विस्तृत बयान देने की कृपा करेंगे और प्रत्येक मामले में बताएंगे कि वे मुद्दे क्या थे जिन पर हड़ताल की गई थी, हड़ताल में कितने व्यक्ति शामिल हुए थे और हड़ताल की अवधि कितनी थी?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क) पिछले पांच सप्ताहों के दौरान, कुछ महत्वपूर्ण औद्योगिक संस्थानों ने कुछ अवधि के लिए काम करना बंद कर दिया था। उनके नाम लेना या उन्हें अलग-अलग बताना जनहित में नहीं है।
(ख) यह जनहित में नहीं है कि जो औद्योगिक संस्थान युद्ध के महत्वपूर्ण कार्य में लगे हुए हैं, उनके संबंध में मांगी गई पूरी सूचना दी जाए।
अनेक मामलों में काम के बंद करने का आर्थिक शिकायतों के साथ कोई संबंध नहीं होता। अन्य कुछ थोड़े से संस्थानों में, एक मामूली हड़ताल के रूप में काम अधिक बंद रहा है, जिसमें मजदूरी या मंहगाई भत्ते में वृद्धि की मांग की गई है।
अहमदाबाद ऐसा नगर था, जिसमें काम सबसे लम्बे समय तक बंद रहा। यहां पर प्रकट रूप में कोई आर्थिक शिकायत नहीं थी और मिल अभी तक पुनः चालू नहीं हुए हैं। बम्बई में आज की तारीख में सभी मिल बंद थे, और उन मिलों में जो बंद रहे, काम केवल अल्पावधि तक ही बंद रहा। यहां भी कोई भी आर्थिक शिकायत प्रस्तुत नहीं की गई। कोयम्बटूर में, जहां मिल पुनः चली हैं और फिर बंद हुई हैं, कुछ हद तक आर्थिक श्कियतें प्रकट हुई हैं।
* विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1942 का खण्ड 3, 15 सितम्बर 1942, पृष्ठ 87-90