विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 189
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* महिला सरकारी नौकरों के लिए आवास
112. सर एफ.ई. जेम्सः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि ः
(क) क्या इस बारे में श्रम विभाग का नियम है कि 600 रुपये प्रतिमास से कम आय के सरकारी नौकर को दिल्ली या नई दिल्ली में सरकारी होस्टल, होटल या अन्य गृह में आवास पाने का अधिकार नहीं है क्योंकि इन स्थानों को ‘‘प्रथम श्रेणी का आवास’’ माना जाता है_
(ख) क्या यह नियम महिला सरकारी नौकरों पर भी लागू होता है_
(ग) यदि (ख) का उत्तर सकारात्मक है, तो क्या उन महिला सरकारी नौकरों के मामले में इस नियम में कोई परिवर्तन किया जाता है जो अपने घर से बहुत दूर रहती हैं और जिनके लिए उपलब्ध आवास उपयुक्त नहीं है, अथवा जो 600 रुपये प्रतिमास से अधिक आय नहीं रखतीं, ऐसी महिलाएं उन पदों को भर सकती हैं जिनमें स्थायी पुरुष पदधारी उस राशि से अधिक राशि प्राप्त करते हैं_
(घ) आवास परामर्शदात्री समिति में कौन-कौन सदस्य हैं_
(घ) क्या यह समिति उपयुक्त मामलों में ऊपर बताए गए नियम से अलग हटने का अधिकार दे सकती है_ और
(च) कितने मामलों में इस समिति ने महिला सरकारी नौकरों के संबंध में इस नियम का पालन नहीं किया है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) जी हां।
(ख) जी हां।
(ग) नहीं।
(घ) (i) लेफिटनेंट जनरल टी.जे. हट्टन, सी.बी., एम.सी.
(ii) माननीय श्री एच.सी. प्रायर, सी.एस.आई., सी.आई.ई., आई.सी.एस.
(iii) माननीय श्री ई. कॉनरन-स्मिथ, सी.एस.आई., सी.आई.ई., आई.सी.एस.
` (iv) श्री जी. मेकवर्थ-यंग, सी.आई.ई., आई.सी.एस.।
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 1, 1944, 16 फरवरी, 1944, पृष्ठ 283