202 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
क्वार्टरों (विशेषकर मिंटो रोड क्षेत्र में) की तुलना में कहीं अधिक हैं और इतना अधिक है कि गैर-परम्परागत क्वार्टरों के किराएदार साग-सब्जियों का अच्छी फसल उगाते हैं, फूलों की क्यारियां बनाते हैं, मुरगा-मुरगी पालते हैं, दूध देने वाले जानवर रखते हैं, बेडमिंटन या टेनिस का कोर्ट बनाते हैं परन्तु पारम्परिक र्क्वाटरों में पर्याप्त खुली जगह नहीं होती कि ग्रीष्म के मौसम में एक औसत परिवार के सदस्य चारपाइयां बिछा सकें तथा पारंपरिक टाइप ‘‘डी’’ और ‘‘ई’’ क्वार्टरों की छतें इतनी निचली होती हैं कि वे ग्रीष्म काल में बहुत जल्दी गर्म हो जाती हैं तथा उनमें रहना कठिन हो जाता है_
(ख) क्या गैर-परम्परागत क्वार्टरों के निर्माण में प्रयुक्त सामान जैसे लकड़ी, बोल्ट आदि तथा उसमें सप्लाई किया गया फर्नीचर परम्परागत क्वार्टरों के सामान की तुलना में कहीं अधिक अच्छा होता है और गैर-परम्परागत क्वार्टरों की कारीगरी भी अधिक श्रेष्ठ होती है_
(ग) क्या निम्नलिखित सुविधाएं जो गैर-परंपरागत क्वार्टरों में होती हैं, परम्परागत क्वार्टरों में नहीं होतीµ
(i) उद्यान और झाडि़यां,
(ii) नौकरों के क्वार्टर,
(iii) फायर-प्लेस में लोहे के ग्रेट,
(iv) दीवार अल्मारियां,
(v) पर्दों के लिए फिटिंग्स और लटकने वाली चिकों के लिए रिंग,
(vi) बाथ रूप में वाश बेसिन,
(vii) कम्पाउंड में अनफिल्टर्ड पानी के कनेक्शन, और
(viii) ‘‘डी’’ और ‘‘ई’’ परम्परागत क्वार्टरों में वेनिसीयन खिड़की के शटर्स।
(घ) क्या वर्ग ‘‘ख’’ से नीचे परम्परागत क्वार्टरों में जानवरों के शेड निर्माण की अनुमति नहीं है जबकि गैर-परंपरागत क्वार्टरों में इनकी अनुमति दी जाती है_
(घ) क्या लोक निर्माण कार्य विभाग के पूछताछ कार्यालयों में गैर-परंपरागत क्वार्टरों से प्राप्त शिकायतों पर शीघ्र ध्यान दिया जाता है तथा वार्षिक मरम्मत और सामान्य अनुरक्षण आदि के लिए गैर-परंपरागत क्वार्टरों को वरीयता दी जाती है_