177 # कोयले इत्यादि की कीमतों व वितरण के नियंत्रण के लिए योजना - Page 224

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 209

तथा उसके उत्पादन के प्रोत्साहन के लिए कोई योजना बनाई गई है_ यदि हां तो क्या माननीय सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि वह नीति क्या है जो इस योजना की पृष्ठभूमि में बनी और इसका ब्यौरा दर्शाने वाला विवरण सभा पटल पर रखेंगे_

(ख) क्या यह ऐसी योजना है जो कोयला खान के मालिकों और वास्तविक उपयोक्ताओं के बीच बिचौलियों को अलग रखती है_ यदि हां तो इस योजना के क्या लाभ हैं और वर्तमान कोयला सप्लाई करने वालों को इस योजना द्वारा क्या हानियां होती हैं_ और

(ग) कोयला खानों के मालिकों को अधिक कोयले के उत्पादन के लिए बोनस क्यों दिया जाना चाहिए तथा कोयला खानों के मालिकों और उपभोक्ताओं द्वारा किसी बिचौलिये को 0-4-0 का कमीशन क्यों दिया जाना चाहिए जब कोयला

खानों के मालिक सीधे ही उपभोक्ताओं को कोयला सप्लाई कर सकते हैं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) जी हाँ, इस योजना के बारे में विवरण [@] सभा पटल पर रखा जाता है। इस योजना के पांच भाग हैंः (क) प्रत्येक कोयला खान के मासिक उत्पादन का अनुमान, (ख) कोयला नियंत्रण बोर्ड का गठन ताकि सरकार को इस योजना के कार्यान्वयन के बारे में परामर्श दिया जा सके, (ग) सरकार द्वारा निर्धारित कीमत पर सभी उत्पादन का वितरण, (घ) अतिरिक्त लाभ कर से मुक्त कोयले के बढ़े हुए उत्पादन पर बोनस द्वारा सभी उत्पादन का वितरण, और (घ) खनन की क्रियाओं का नियंत्रण। इस योजना का उद्देश्य यह आश्वस्त करना है (i) कि सभी उपलब्ध कोयला उचित रूप से ठीक कीमत पर उन सभी उपभोक्ताओं में वितरित किया जाए जिन्हें इस कोयले की आवश्यकता है और (ii) कोयले के अधिकतम उत्पादन के प्रति संभव प्रोत्साहन दिया जाए।

(ख) नहीं। प्रश्न का दूसरा भाग संगत नहीं है।

(ग) उत्पादन के प्रोत्साहन के लिए बोनस दिया जाता है। कमीशन की राशि निर्धारित नहीं की गई है। यह भारत सरकार द्वारा निर्धारित की जाएगी। बिचौलियों को उसी स्थिति में रखा जाएगा जब कोयले की खदान के मालिक और कोयले के उपभोक्ताओं के बीच में यह समझौता हो जाए कि बिचौलियों को रखा जाए।

* विवरण छोड़ दिए गए - संपदाक।