विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 357
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* यूनाइटेड किंगडम में भारतीयों का
श्रम कल्याण में प्रशिक्षण
939. श्री अमरेन्द्र नाथ चट्टोपाध्यायः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सच है कि श्रम विभाग काफी लोगों को श्रम कल्याण में प्रशिक्षण के लिए यूनाईटेड किंगडम भेजने जा रहा है_ यदि हां तो सरकार इन लोगों को भारत में प्रशिक्षण क्यों नहीं दे सकती। उनके प्रशिक्षण की स्कीम की लागत क्या होगी_ और ऐसे प्रशिक्षार्थियों की न्यूनतम अपेक्षित योग्यता क्या होगी?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) सबसे पहले 20-20 अधिकारियों के तीन जत्थे भेजने का विचार है जिसमें से लगभग 12 केन्द्रीय सरकार के अधिकारी होंगे तथा 8 प्रांतीय सरकारों और रियासतों के। प्रशिक्षणार्थियों के प्रथम जत्थे के साथ केन्द्रीय सरकार के 12 अधिकारियों को भेजने के लिए वित्तीय मंजूरी दे दी गई है। आरंभिक चरणों में युद्ध के तुरन्त बाद के काल की श्रम प्रशासन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और अनुभव परीक्षण की लम्बी प्रक्रिया के बिना भारत में प्राप्त नहीं किया जा सकता। इसलिए यूनाईटेड किंगडम जैसे अन्य अधिक उन्नत औद्योगिकृत देशों के अनुभव और पद्धति का लाभ उठाना आवश्यक है।
पहले जत्थे में मनोनीत व्यक्तियों के लिए केन्द्रीय सरकार का अनुमानित खर्च एक लाख रुपए है। प्रांतीय सरकारों और रियासतों ने अपने मनोनीत कर्मचारियों की बाबत खर्च वहन करेंगी।
न्यूनतम योग्यताएं है कि वे अधिकारी सरकारी नौकरी में हों या सरकार के अधीन पद भरने के लिए अभिहित हों तथा उन्हें सामाजिक कार्य का या श्रम विध ान के प्रशासन का अनुभव हो। उच्च शैक्षिक योग्यता वाले अधिकारियों को अधि मान दिया जाएगा।
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 2, 1945, 13 मार्च, 1945, पृष्ठ 1409-10 @ प्रश्नकर्ता अनुपस्थित होने के कारण, प्रश्न का उत्तर सभा-पटल पर रखा गया।