399 जोधपुर रेलवे क्षेत्र में मजदूरी संदाय अधिनियम का लागू किया जाना - Page 112

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 97

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ऽजोधपुर रेलवे क्षेत्र में मजदूरी संदाय

अधिनियम का लागू किया जाना

756. सेठ सुखदेव ः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) क्या यह सच है कि 1936 के मजदूरी संदाय अधिनियम IV के उपबंध उस जोधपुर रेलवे क्षेत्र पर लागू होते हैं जो ब्रिटिश इंडिया में हें, यदि हां तो सुलह अधिकारी (रेलवे) और पर्यवेक्षक रेलवे श्रमिक की तीन वर्ष 1941-44 की वार्षिक रिपोर्ट भारतीय श्रम राजपत्र में क्यों दी गई और इसमें जोधपुर रेलवे का कोई संदर्भ नही दिया गया है_ और

(ख) यदि जोधपुर रेलवे के ब्रिटिश भाग के निरीक्षण के संबंध में तीन वर्ष की सूचना उपलब्ध है तो क्या माननीय सदस्य सदन के पटल पर विवरण रखेंगे जिसमें जोधपुर रेलवे के संबंध में निम्नलिखित सूचना मिल सके-

(1) कर्मचारियों की संख्या ( i ) वयस्क, बच्चे, ( ii ) स्थानापन्न लोग और ( iii ) उन्हें भुगतान की गई कुल मजदूरी_

(2) उन कर्मचारियों की संख्या जिन पर जुर्माना किया गया और वसूल की गई राशि_

(3) उन कर्मचारियों की संख्या जिनके नाममात्र की क्षति के कारण हानि उनके नाम की गई और इस प्रकार कितनी राशि वसूल की गई_ और

(4) किए गए निरीक्षणों की संख्या और नोट की गई अनियमिताएं?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) प्रश्न के प्रथम भाग का उत्तर ‘हां’ में भारतीय श्रम राजपत्र में प्रकाशित टिप्पणी में रेलवे के संबंध में मजदूरी संदाय अधिनियम दिखाया गया है।

(ख) (1) और (3)- उपलब्ध सूचना दर्शाने वाला विवरण सदन के पटल पर रखा गया है।

(4) यह सूचना तत्काल उपलब्ध नहीं है।

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 3, 1946, 6 मार्च, 1946, पृष्ठ 1961