405 कारखाना (संशोधन) विधेयक प्रवर समिति के प्रतिवेदन का प्रस्तुत किया जाना - Page 117

102 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

(ग) ऐसे कर्मचारियों की संख्या जो निर्धारित घंटों से अधिक ( i ) आदतन और ( ii ) कभी-कभी काम करते हुए पाए गए?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) इसका उत्तर नकारात्मक है।

(ख) प्रश्न नहीं उठता।

(ग) सूचना तुरंत उपलब्ध नहीं है।

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ऽरेलवे ठेकेदारों के मजदूरों के निरीक्षण के बारे

में कानूनी नियमावली

72. सेठ सुखदेव ः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) क्या माननीय सदस्य का ध्यान नवम्बर 1945 के भारतीय श्रम राजपत्र (इंडियन लेबर गजट) में प्रकाशित वर्ष 1941-44 के लिए सुलह अधिकारी (रेलवे) और रेलवे मजदूरों के पर्यवेक्षक की रिपोर्ट में दी गई टिप्पणी की ओर आकर्षित किया गया है जो मजदूरी संदाय अधिनियम के अन्तर्गत नियुक्त श्रमिक निरीक्षणालय मजदूरी, जुर्माने, कटौतियों के रजिस्टरों के रखने हेतु ठेकेदारों के लिए आवश्यक कानूनी नियमावली के अभाव में रेलवे ठेकेदारों के श्रमिक स्थापना में बाधा बन गए थे_ और

(ख) क्या इस कानूनी नियमावली में संशोधन करने का विचार है_ यदि हां तो कब और यदि नहीं तो क्यों नहीं?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) इसका उत्तर सकारात्मक है।

(ख) यह मामला विचाराधीन है।

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# कारखाना (संशोधन) विधेयक प्रवर समिति के

प्रतिवेदन का प्रस्तुत किया जाना

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर (श्रम सदस्य) ः श्रीमन् मैं कारखाना अधिनियम, 1934 में और संशोधन करने वाले विधेयक पर प्रवर समिति का प्रतिवेदन प्रस्तुत करता हूं।

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 3, 1946, 6 मार्च, 1946, पृष्ठ 1998 # वही, पृष्ठ 1999