406 नई दिल्ली में केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग और भवन निर्माता ठेकेदारों द्वारा रखे गए मजदूरों के आवास की दशा - Page 119

104 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

406

ऽनई दिल्ली में केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग

और भवन निर्माता ठेकेदारों द्वारा रखे गए

मजदूरों के आवास की दशा

867. श्री एम. अनन्तशायनम आय्यंगर ः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) नई दिल्ली में केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग और भवन निर्माता ठेकेदारों द्वारा नई दिल्ली और समीपवर्ती स्थानों में सीधे ही रखे गए मजदूरों की संख्या क्या है_

(ख) क्या यह सच है कि ये मजदूर ऐसी दयनीय अस्वच्छ झोपडि़यों में रहते हैं जो हर समय धूप, वर्षा और ठंड के मौसम की विभीषिकाओं से पीडि़त होती है_ और

(ग) यदि उपरोक्त भाग (ख) का उत्तर ‘हां’ में हैं, तो माननीय सदस्य ऐसे कौन से कदम उठाने का प्रस्ताव करते हैं ताकि उन मजदूरों के लिए सस्ते और स्वच्छ आवास के प्रबंध किए जाएं, यदि ऐसे कदम उठाने का विचार नहीं है तो क्यों?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) लगभग 12,000 मजदूर सीधे ही केन्द्रीय लोक निर्माण के अधीन काम करते हैं जबकि भवन निर्माता ठेकेदारों के अधीन काम करने वाले मजदूर भवन निर्माण के कार्यक्रम के अनुसार न्यूनाधिक संख्या में काम करते हैं।

(ख) कुछ केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के मजदूरों को सरकारी क्वार्टर आवंटित किए गए हैं और अन्य मजदूरों ने अपने आवास के लिए अपने ही प्रबंध कर लिए हैं।

जहां तक ठेकेदार द्वारा रखें गए मजदूरों का संबंध है, उनमें से लगभग 9000 मजदूर दिल्ली के शहरी क्षेत्र में उन्ही के घरों में रहते हैं। शेष मजदूर जो प्रतिदिन अपने गॉवों से कार्य स्थल पर आते हैं अथवा उन्हें कार्यस्थल पर ही ठेकेदार द्वारा उन निर्मित छप्परों में आवास दिया जाता है जो उन्हें धूप, वर्षा और ठंड से कुछ बचा पाते हैं।

(ग) सरकार ने पहले ही ठेकेदारों द्वारा रखें गए मजदूरों को स्थायी आवास के दिए जाने के प्रश्न पर विचार किया है और वे दिल्ली के पास उन गांवों में मॉडल बस्तियों के सुधार के लिए विचार कर रहे हैं जहां से मजदूर आते हैं। गरीब जनता के लिए सहायता प्रदत्त आवास की सरकारी योजना में ठेकेदारों द्वारा रखें गए मजदूरों के लिए अच्छे आवास की व्यवस्था भी शामिल की जानी चाहिए।

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 3, 1946, 12 मार्च, 1946, पृष्ठ 2224