471 भारत में खनिज संसाधनों के बारे में डॉक्टर कृष्णन के सुझाव - Page 208

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 193

(ग) इस बात के लिए क्या कदम उठाए गए है कि उन सभी प्रांतो में हाड्रोलिक (इलेक्टिक्ल) पॉवर संसाधनों को विकसित किया जाए और उनका शोषण किया जाए जहां कोयले की खानें समीप नहीं है ताकि स्थानीय उद्योगों को विकसित किया जाए_

(घ) इस बात के लिए क्या कदम उठाए गए हैं कि वायु से पॉवर संचित की जाए और यह कार्य वायुचालित मिलों द्वारा सम्पन्न किया जाए तथा वायुचालित मिलों को अधिक लोकप्रिय बनाया जाए_ और

(घ) क्या डॉक्टर कृष्णन का फ्विभिन्न खनिजों की गुणवता और मात्रा के मूल्यांकनय् के लिए फ्सुसज्जित प्रयोगशालाओंय् की स्थापना का सुझाव और इसके अलावा स्थानीय उपलब्ध खनिजों की उपयोगिता के लिए सुझाव को निर्यात की तुलना में वरीयता दी जाएगी और क्या इस बारे में पूर्णतया अध्ययन किया जाएगा?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) जी हां।

(ख) युद्ध के दौरान सरकार के विचाराधीन एक प्रस्ताव था कि भारत में कुछ महत्वपूर्ण खनिजों और संबंधित पदार्थों का रणनीति की दृष्टि से भंडार बनाया जाए_ परन्तु यह सफल नहीं हुआ। सरकार अपनी खनिज की नीति के संशोधन किए जाने के लिए विचार कर रही है और इन खनिजों के भंडार बनाने हेतु समुचित ध्यान दिया जाएगा जिनकी सप्लाई की दृष्टि से मात्रा बहुत कम हैं।

(ग) साधारणतया यह कहा जा सकता है कि प्रांतीय और रियासतों की सरकारें ऐसी जाँच-पड़ताल के लिए उस समय उपलब्ध टेक्नीकल मानव शक्ति की अधिकतम सीमा तक जल वैद्युत संसाधन (हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पॉवर रिर्सोसेज) के विकास और शोषण के लिए कदम उठा रही है। सेण्ट्रल टेक्नीकल पॉवर बोर्ड पहले ही अपनी मानवशक्ति की मौजूदा कर्मचारियों की सीमा के अधीन कुछ मामलों में सहायता कर रहा है और इससे भी अधिक सहायता तब करेगा जब पर्याप्त टेक्नीकल कर्मचारी वर्ग उपलब्ध हो जाएगा। सरकार इस तथ्य से पूर्ण अवगत है कि देश भर में आज की अपेक्षा हाइड्रो-इलेक्ट्रिक सिस्टम के विकास की कहीं अधिक आवश्यकता है और विशेषकर उन क्षेत्रों में अधिक आवश्यकता है जो बड़े-बड़े कोयला निक्षेपों से दूर हैं परन्तु सरकार का यह विचार है कि वर्तमान व्यवस्था की अपेक्षा ठेके पर अधिक अनुभवी टेक्नीकल कर्मचारीवर्ग द्वारा ही उसमें सफलता मिल सकती है।

(घ) भारत सरकार इस समय वायु से पॉवर संचित करने तथा वायुचालित मिलों को लोकप्रिय बनाने के लिए कोई विशेष कदम नहीं उठा रही है। सकार को यह