372 कोयला खानों में गोरखपुर के श्रमिकों पर व्यय - Page 79

64 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

श्रमिक हो सकती है। उसे यह भी अधिकार है कि वह मजदूरों, लिपिक, अवर श्रेणी के कर्मचारियों और चिकित्सा-स्टॉफ के वेतन, राशन की लागत और यात्रा भत्ता तथा प्रासंगिक व्यय कर सकता है। सभी मामलों में किया गया व्यय सरकार द्वारा स्वीकृत वेतन-मान के अनुसार होना चाहिए।

372

ऽकोयला खानों में गोरखपुर के श्रमिकों पर व्यय

32. श्री के. सी. नियोगी ः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) कोयला खानों में काम पर लगाए गए गोरखपुर के मजदूरों पर अब तक कितनी राशि व्यय की गई है_

(ख) खानों के उन मालिकों से जिन्होने गोरखपुर के श्रमिकों को काम पर लगाया था अब तक कितनी राशि प्राप्त हुई है_

(ग) ( i ) रेलवे स्वामित्व की कोयला की खानों और ( ii ) निजी कम्पनियों तथा व्यक्तियों के स्वामित्व की कोयला खानों में रखे गए गोरखपुर श्रमिक बल के सदस्यों की संख्या कितनी-कितनी है_ और

(घ) उन खानों के नाम क्या-क्या हैं जहां गोरखपुर के श्रमिक काम पर लगाए गए हैं?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) जनवरी 1946 के अंत तक 1,91,05,386 रुपये।

(ख) दिसम्बर, 1945 के अंत तक 22,52,311 रुपये वास्तव में वसूल किए गए। 1 दिसम्बर के अंत तक की अवधि के लिए अभी भी बकाया 29,48,302 रुपये की राशि है और जनवरी, 1946 के लिए 16 लाख रुपये के तखमीनी राशि का बिल दिया जाना है।

(ग) रखे गए व्यक्तियों की संख्या -

( i ) रेलवे खानें 7 प्रतिशत

( ii ) लोक कम्पनियों के स्वामित्व की खानें 83 प्रतिशत, और

( iii ) व्यक्तियों के स्वामित्व वाली खानें 10 प्रतिशत। 19 जनवरी को कुल

मजदूरों की संख्या 17,391

किसी एक महीने मे सबसे अधिक काम पर लगाए गए मजदूरों की संख्या-30,600

(घ) विवरण सभा पटल पर रखा जाता है।

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 1, 1946, 11 जनवरी, 1946, पृष्ठ 773