382 अभ्रक व्यापार के संबंध में सरकार की नीति - Page 89

74 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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ऽनई दिल्ली में अस्थायी इमारत की उपयोगिता

  1. श्री एम. अनन्तशायनम आय्यंगर ः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) क्या सभी अस्थायी इमारतें जो युद्ध विभाग तथा अन्य आवश्यकताओं के लिए बनाई गई हैं जिनमें क्विसंवे और अन्य स्थानों से लौटाई गई अमरीकी इमारतें भी शामिल हैं, केवल कार्यालय स्थान के लिए उपयोग की जा रही हैं_

(ख) क्या माननीय श्रम सदस्य इन इमारतों में से कुछ इमारतों को भारत सरकार के कर्मचारियों, एकाकी व्यक्तियों या अन्य व्यक्तियों के रहने योग्य बनाने के लिए कुछ परिवर्तन करके उन्हें देने की वांछनीयता पर विचार कर रहे हैं और इस प्रकार इस समय दिल्ली की इमारतों के अभाव को कम करेंगे_ और

(ग) यदि सरकार आवश्यक व्यय करने के लिए तैयार न हो तो क्या श्रम सदस्य इन इमारतों को ठेके पर देना चाहेंगे किन्तु शर्त यह होगी कि सर्वप्रथम इन इमारतों को सरकारी कर्मचारियों को दिया जाए?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क्र) नहीं।

(ख) जी हां। यदि कार्यालय के प्रयोजन के लिए कोई भी अस्थायी इमारतें निर्मित की जाती हैं और उनकी आवश्यकता कार्यालयों के लिए नहीं होती और उनके निर्माण के स्थल किन्हीं अन्य प्रयोजनों के लिए आवश्यक नहीं होते।

(ग) इस पर विचार किया जाएगा परन्तु पर संभावना है कि सरकार को अपने कर्मचारियों के लिए इन इमारतों की आवश्यकता होगी और ऐसी स्थिति में सरकार उन इमारतों को अपने अधिकार में रखना चाहेगी।

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# अभ्रक व्यापार के संबंध में सरकार की नीति

  1. बाबू रामनारायण सिंह ः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) अभ्रक वाणिज्य और उद्योग को नियमित करने के लिए सरकार की क्या नीति है_

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 1, 1946, 25 फरवरी, 1946, पृष्ठ 1446 # वही।