383 अभ्रक नियंत्रण आदेश के कारण बेरोजगारी - Page 90

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 75

(ख) अभ्रक जॉच-समिति की रिपोर्ट लगभग किस तारीख को छपेगी और प्रकाशित की जाएगी_ और

(ग) अभ्रक नियंत्रण आदेश के अन्तर्गत कच्चा और बीमा अभ्रक की बिक्री के प्रतिबंध को बिल्कुल ही हटाने अथवा कम से कम उसे संशोधन करने के बारे में विचार करने में कुल कितना समय लगेगा?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) भारत सरकार यह इरादा करती है कि अभ्रक उद्योग की कार्य करने की दशा में सुधार किया जाए तथा ठोस वाणिज्यिक आधार पर उसे संगठित किया जाए ताकि भारतीय अभ्रक को बाजार में सही कीमत मिले।

(ख) रिपोर्ट मुद्रणाधीन है और जैसे ही मुद्रित प्रतियां उपलब्ध होती है, उसे प्रकाशित कर दिया जाएगा।

(ग) यह संभव नहीं है कि सरकार ऐसी कोई तारीख निर्धारित करे जब तक सरकार अभ्रक जाँच समिति की सिफारिशों पर निर्णय ले सकेगी। इस बात का प्रति संभव प्रयास किया जाएगा कि यथाशीघ्र इस कार्य को संपन्न किया जाए।

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ऽअभ्रक नियंत्रण आदेश के कारण बेरोजगारी

  1. बाबू रामनारायण सिंह ः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या सरकार इस तथ्य से अवगत है कि हजारीबाग में कई लाख लोग अभ्रक नियंत्रण आदेश लागू करने के फलस्वरूप बेरोजगार हो गए_ और

(ख) क्या सरकार इस तथ्य से अवगत है कि हजारीबाग जिला के कई लाख लोग अभ्रक वाणिज्य को अपनी जीविका का केवल साधन मानते हैं_ यदि हां तो क्या सरकार का यह प्रस्ताव है कि अभ्रक वाणिज्य और अभ्रक उद्योग को उनके हितों की सुरक्षा के लिए नियमित किया जाए?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) भारत सरकार इस तथ्य से अवगत नही है कि अभ्रक नियंत्रण आदेश के परिणामस्वरूप हजारीबाग जिले में लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं।

(ख) सरकार इस बात से अवगत है कि अनेक लोग अभ्रक वाणिज्य में लगे हुए हैं और उद्योग के सुधार की योजना से सरकार यह आशा करती है कि उनके हितों की अवहेलना नहीं की जाएगी।

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 3, 1946, 28 फरवरी, 1946, पृष्ठ 1668