90 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
- इस प्रकार के प्रश्न याज्ञवल्क्य जैसे महान् ऋषि से पूछे गए थे, जिसकी
वृहदारण्यक उपनिषद् में महत्त्वपूर्ण भूमिका थी।
- उनसे पूछा गया था-‘‘ब्रह्म क्या है? आत्मा क्या है?’’ याज्ञवल्क्य केवल इतना
उत्तर दे सका था-‘‘नेति! नेति!’’ मैं कुछ नहीं जानता! मैं कुछ नहीं जानता।’’
- बुद्ध ने पूछा-‘‘जिसके बारे में कोई कुछ नहीं जानता है, वह सत्य कैसे हो सकता
है?’’ इसलिए कल्पना पर आधारित उपनिषद् की अभिधारणा को अस्वीकार
करने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई।