4. उपनिषद् और उनकी शिक्षाएं - Page 119

90 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

  1. इस प्रकार के प्रश्न याज्ञवल्क्य जैसे महान् ऋषि से पूछे गए थे, जिसकी

वृहदारण्यक उपनिषद् में महत्त्वपूर्ण भूमिका थी।

  1. उनसे पूछा गया था-‘‘ब्रह्म क्या है? आत्मा क्या है?’’ याज्ञवल्क्य केवल इतना

उत्तर दे सका था-‘‘नेति! नेति!’’ मैं कुछ नहीं जानता! मैं कुछ नहीं जानता।’’

  1. बुद्ध ने पूछा-‘‘जिसके बारे में कोई कुछ नहीं जानता है, वह सत्य कैसे हो सकता

है?’’ इसलिए कल्पना पर आधारित उपनिषद् की अभिधारणा को अस्वीकार

करने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई।