2. अपने समकालीनों के प्रति व्यवहार - Page 123

94 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

हत्या भी कर सकता है और उस पर किसी प्रकार का सामाजिक उत्तरदायित्व

या परिणाम भी नहीं होगा।

  1. यदि मक्खली गोसाल का मत सही है, तब तो आदमी भाग्य का गुलाम हो

जाता है। वह अपने को मुक्त नहीं कर सकता।

  1. यदि अजित केसकम्बल का मत सही है, तो आदमी के पास खाने, पीने और

मौज करने के अलावा करने को कुछ नहीं बच जाता है।

  1. यदि संजय बेलट्ठिपुत्र का मत सही है तो आदमी केवल पानी की तरह यों ही

बहता रहेगा, एक सही जीवन-दर्शन के बिना वह जीता रहेगा।

  1. यदि निगण्ठनाथ पुत्र का मत सही है, तो आदमी का जीवन कायक्लेश और

तपश्चर्या के अधीन हो जाएगा, जिससे आदमी की इच्छाओं और मूल भावनाओं

का पूर्ण विच्छेद हो जाएगा।

  1. इस प्रकार इन दार्शनिकों द्वारा बताए गए जीवन मार्गों में कोई भी बुद्ध को अच्छा

नहीं लगा। उन्होंने सोचा कि ये सब विचार उन व्यक्तियों के थे जो आशाहीन,

निस्सहाय एवं असावधान थे। इसलिए उन्होंने कहीं दूसरी जगह से ही प्रकाश

खोजने का निर्णय लिया।