120 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
बुद्ध के प्रति उनकी श्रद्धा इतनी असीम हो गयी कि उन्होंने तुरन्त उसके समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और उनसे उन्हें अपने शिष्यों के रूप में स्वीकार करने का आग्रह किया।
बुद्ध ने उन्हें ‘एहि भिक्कवे’ (भुक्षुओं! आओ) कह कर अपने भिक्षु-संघ में सम्मिलित कर लिया। वे पंचवर्गीय भिक्षुओं के नाम से जाने जाते थे।