190 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
4. धर्म-दीक्षा में जोखिम
- प्राचीन काल में, बुद्ध राजगृह से पाँच सौ ली (पौने दो सो मील) दूर एक प्रदेश
में निवास करते थे? जो पर्वतों से घिरा हुआ था। इन पर्वतों में लगभग 122
व्यक्तियों का एक विशेष दल रहता था, जो स्वयं को शिकार में ही व्यस्त रखता
था और उनके द्वारा मारे गये पशुओं के माँस से अपना गुजारा करता था। 2. बुद्ध उस जगह पर पहुँच गए थे और उन्होंने स्त्रियों को धर्मांतिरित कर दिया
था दिन के समय वे अकेली रह जाती थीं, और उनके पति शिकार के लिये
चले जाते थे, और तब निम्नलिखित बात कहते हैंः
- ‘‘वह जो दयालु है, हत्या नहीं करता वह सदैव जीवन को सुरक्षित रखने में
सक्षम है।’’
- ‘‘यह धर्म अमर है, जो इसका पालन करता है, उस व्यक्ति को किसी आपत्ति
का सामना नहीं करना पड़ता।’’
- ‘‘विनम्रता, सांसारिक भोगों के प्रति उपेक्षा, किसी को कष्ट न पहुँचाना, किसी
पर क्रोध न करना यह ब्रह्मलोक वासियों के लक्षण हैं।’’
- दुर्बलों के प्रति सदा मैत्री प्रदर्शित करना, बुद्ध की शिक्षाओं के अनुरूप पवित्र
रहना, कब पर्याप्त खा चुकने पर भोजन की मात्रा की जानकारी, यह जन्म
और मृत्यु के (बार-बार होने) से बचने का साधन जानना। स्त्रियाँ, इन वचनों
को सुन कर, धम्म में दीक्षित हो गयी थीं और पुरुषों के लौटने पर, जब उनहें
जानकारी प्राप्त हुई, तो सर्वप्रथम वे बुद्ध की हत्या कर देना चाहते थे, लेकिन
वे अपनी पत्नियों द्वारा रोक लिये गये, और मैत्री के इन वचनों को सुनकर, वे
भी धम्म में दीक्षित हो गये।’’
और तब भगवान ने इन पंक्तियों को कहा-
‘‘‘जो मैत्री भावना का अभ्यास करता है, उस व्यक्ति को ग्यारह लाभ प्राप्त
होते हैं। वह सभी जीवित प्राणियों के प्रति दयालु रहता है।’’ 9. ‘‘उसका शरीर सदैव स्वस्थ (सुखी) रहता है, उसे हमेशा शान्तिपूर्ण नींद आती
है, और जब अध्ययन-रत रहता है, वह एकाग्र रहता है।’’
- उसे दुःस्वप्न नहीं आते, वह स्वर्गों (देवताओं) द्वारा सुरक्षा पाता है और मनुष्यों
द्वारा प्रेम पाता है, वह विषैले जीवों से भयभीत नहीं रहता है, और युद्ध की
हिंसा से बच जाता है, वह अग्नि या जल से बचा रहता है। 11. ‘‘वह जहाँ भी रहता है, सफल रहता है, और जब वह मृत्यु को प्राप्त करता
है, ब्रह्मलोकगामी हो जाता है। ये ग्यारह लाभ हैं।’’
- इन वचनों का उपदेश ग्रहण करने के उपरान्त, पुरुष और स्त्रियाँ दोनों ने ध
र्म-दीक्षा ग्रहण की और उनके शिष्यों के दल में सम्मिलित कर लिये गये, और
शांत-लाभ प्राप्त किया।