पहला-भाग
धम्म में भगवान् बुद्ध का स्थान
भगवान् बुद्ध ने अपने धम्म में स्वयं के लिए कुछ भी स्थान नहीं रखा।
भगवान् बुद्ध ने कभी किसी को मुक्ति का वचन नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वे मार्गदाता, हैं मोक्षदाता नहीं।
बुद्ध ने अपने लिए यह अपने धम्म के लिए किसी दैवत्व का दावा नहीं किया। धम्म मनुष्य द्वारा मनुष्य के लिए आविष्कृत था। यह एक अपौरुषेय धम्म नहीं था।