1. भगवान् बुद्ध ने अपने धम्म में स्वयं के लिए कुछ भी स्थान नहीं रखा। - Page 222

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1. भगवान् बुद्ध ने अपने धम्म में स्वयं के लिए कुछ भी विशेष

स्थान नहीं रखा।

  1. ईसा ने ईसाई धर्म के पैगम्बर होने का दावा किया था।

  2. इससे आगे उसने यह दावा भी किया था कि वह खुदा का बेटा है।

  3. ईसा की यह भी शर्त थी कि जब तक मनुष्य के लिये कोई मुक्ति नहीं है,

तब तक कि वह यह स्वीकार न करे कि ईसा ईश्वर का पुत्र था। 4. इस प्रकार ईसा ने ईसाइयों की मुक्ति को स्वयं को पैगम्बर और ईश्वर-पुत्र के

रूप में स्वीकार किये जाने की शर्त लगाकर अपने लिये एक स्थान सुरक्षित

कर लिया था।

  1. इस्लाम के पैगम्बर मुहम्मद साहब ने दावा किया था कि वह खुदा द्वारा भेजे

गये एक पैगम्बर थे।

  1. इससे आगे उन्होंने यह दावा भी किया था कि कोई भी मनुष्य जब तक निजात

नहीं पा सकता, तब तक कि वह दो अन्य शर्तों को न स्वीकार कर ले। 7. इस्लाम ने निजात चाहने वाला स्वीकार करे कि मुहम्मद खुदा के पैगम्बर है। 8. इस्लाम में निजात चाहने वाला पहले यह भी स्वीकार करे कि वह ही आखिरी

पैगम्बर हैं।

  1. इस प्रकार इस्लाम में निजात केवल उन्हीं लोगों के लिये सुनिश्चित है, जो इन

दो शर्तों को स्वीकार करते हैं।

  1. इस प्रकार मुहम्मद ने, मुसलमानों की निजात को, उन्हें खुदा का पैगम्बर स्वीकार

किये जाने की शर्त के आधार पर ही अपने लिये एक स्थान सुरक्षित कर लिया

था।

  1. इस प्रकार कोई भी शर्त कभी भी बुद्ध द्वारा नहीं रखी गयी थी।
  2. उन्होंने हमेशा शुद्धोदन और महामाया का प्राकृतिक पुत्र होने के अतिरिक्त दूसरा

दावा नहीं किया था।

  1. उन्होंने ईसा मसीह या मुहम्मद की भांति किसी भी प्रकार की शर्त लगाकर

अपने धर्म-शासन में स्वयं अपने लिये कोई स्थान नहीं बनाया था। 14. यही कारण है कि प्रचुर साहित्यिक सामग्री उपलब्ध होने पर भी भगवान बुद्ध

जीवन के विषय में हम बहुत कम जानते हैं।