5. तपश्चर्या का त्याग - Page 97

68 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

  1. न्यग्रोध वृक्ष के नीचे गौतम को बैठा देखकर पुण्णा ने सोचा कि आज वृक्ष

देवता ही नीचे उतर आए हैं।

  1. सुजाता स्वयं आई और अपने द्वारा तैयार की गई खीर स्वर्ण-पात्र में गौतम को

अर्पित की।

  1. वह पात्र को नदी तट पर ले गया और सुपतिट्ठ नामक घाट पर स्नान किया

और फिर भोजन किया।

  1. इस प्रकार उसकी तपश्चर्या का परीक्षण समाप्त हुआ।

  2. तपस्या और आत्म-संताप का जीवन छोड़ने के कारण गौतम के साथ वाले

पाँचों संन्यासी उससे रुष्ट हो गए और घृणावश उसे छोड़ गए।