प्राचीन भारतीय वाणिज्य - Page 16

बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर

लेख और भाषण
अंग्रेशी खंड - 12
हिंदी खंड - 23

ये विचार उस व्यक्ति के हैं जो सत्ताधारियों की कठपुतली नहीं रहा और जिसने महिमा की चाटुकारिता नहीं की। ये विचार उस व्यक्ति के हैं जिसकी प्रायः संपूर्ण सार्वजनिक चेष्टा गरीबों और पददलितों की मुक्ति के लिए लगातार संघर्ष करने की रही और जिनसे इसका केवल यह पुरस्कार मिला कि राष्ट्रीय पत्रिकाओं और राष्ट्रीय नेताओं ने उसकी महज इसलिए निरंतर निंदा की तथा उसके साथ दुर्व्यवहार किया कि मैं जालिमों के धन से पददलितों की मुक्ति करने और अमीरों के पैसे से गरीबों का उत्थान करने का चमत्कारµ मैं इसे चाल नहीं कहूँगाµ दिखने में मैं उनका साथ नहीं देता।

बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर ‘जाति का विनाश’ पुस्तक में