322 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
अब हम सूचना के वाचिक साक्ष्य पर आते हैं। इस विषय पर नियम स्थिर है कि एक क्रेता, क्रेता के संबंध में अस्पष्ट अफवाहों पर मात्र अजनबी कथनों पर ध्यान देने के लिए बाध्य नहीं है किंतु सूचना आबद्धकर तभी होगी जब वह संपत्ति में हितबद्ध व्यक्ति से मिले।
आर. 3 सी.एच.ए.पी.पी. 488 ललायड बनाम बैंक्स कैरिजेस - 1868
यदि वह न्यासी की जानकारी को बाहरी स्रोत से साबित करने का प्रयास करता है तो यह न्यायालय को हमेशा सरसरी वार्तालाप पर ध्यान देने या किसी प्रकार की सूचना पर ध्यान देने में कठिनाई होगी, कम हितकर स्थिति में रख देगी, यदि उसको उसके कार्य के ढंग के विषय पर भारों की स्पष्ट एवं सुभिन्न सूचना प्राप्त होने के साथ ही मैं यह कहने को बाध्य हूं कि मैं नहीं समझता कि यह सिद्धांतों के जिन पर यह न्यायालय कार्यवाही करता आया है या उन नजीरों के जो निर्देशित की गई है। अनुरूप होगा। यदि मुझे निर्णय करना होता कि किन्हीं परिस्थितियों में न्यासी अधिभार से अभिव्यक्त सूचना पाए बिना अधिभार की जानकारी रखने वाला नहीं माना जा सकता।
दृष्टांतः- 9 एम.ओ.ओ.पी.सी. 18 बर्नहर्ट बनाम ग्रीन शील्डस।
जहां अभिनिर्धारित किया गया था कि संपत्ति में अनहितबद्ध व्यक्तियों की अस्पष्ट सूचनाएं क्रेता के अंतःकरण को प्रभावित नहीं करेंगी।
क्या अधिमारक से प्रत्यक्षतः सूचना होनी चाहिए?
क्रेता सूचना की अवहेलना सुरक्षित रूप से नहीं कर सकता चाहे वह किसी भी स्रोत से प्राप्त हो। यह ऐसी प्रकृति की है कि एक विवेकशील व्यावसायिक व्यक्ति उस सूचना पर अमल करेगा भले ही वह समाचार पत्र की रिपोर्ट से ही आई हो।
एस.आर. 3 सी.एच.ए.पी.पी. 488 पंजीकरण
किसी लिखित या अधिपत्र का जो विधि द्वारा रजिस्ट्रीकृत होना अपेक्षित या अधिकृत है - रजिस्ट्रीकरण ऐसे लिखित या अधिपत्र की वास्तविक सूचना होना समझा जाता है, किंतु उसकी विषय-वस्तु की (सूचना) अनिवार्यतः नहीं।
(ii) जहां जांच सोद्देश्य सूचना से बाध्य होने से बचने के लिए टाली जाती है।
जान टाउसे ने कुछ संपत्ति खरीदने के लिए 1776 में संविदा की।
उसने एक डॉ. पी से क्रय धन की रकम उधार ली और प्रति संदाय की प्रतिभूति के रूप में हक विलेख उसे सौंप दिए।
1790 में टी एक इमालेस का एक बड़ी धनराशि का अत्यधिक ऋणी हो गया और उसने उसी संपत्ति को इलामेस के पास बंधक रख दिया।
डॉ. पी ने अपने दावे की कोई सूचना इलामेस को नहीं दी।