सामान्य विधि - Page 353

336 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

सर्वदा लागू होता है।

डरले बनाम हाल के नियम के अधीन सूचना किसे दी जानी चाहिए।

  1. यह ऋणी न्यासी या अन्य व्यक्ति जिसका समनुदेशन को धन अदा करने का

कर्त्तव्य है, दी जानी चाहिए।

स्टीफन्स बनाम ग्रीन (1895) 2 सी.एच. 148 2. सालिसिटर को सूचना केवल तभी प्रभावकारी होगी यदि जब वह उसको प्राप्त

करने के लिए अभिव्यक्त या विधिवत रूप से प्राधिकृत हो।

(1880) 14 सी.एच.डी. 406 3. यदि कोई ऋणी या न्यासीगण है तो एक को सूचना सबको सूचना है। 4. नए न्यासियों को ताजा सूचना आवश्यक नहीं, यदि पुराने न्यासियों को सूचना दी

जाती है।

नोटिस (सूचना) का प्रारूप क्या होना चाहिए

  1. पहले तो सूचना का प्रारूपिक होना आवश्यक नहीं और मौखिक शब्दों में हो

सकती है।

  1. किंतु 1925 से यह अवश्य लिखित रूप में होनी चाहिए।

एक साम्यिक समनुदेशन से समनुदेशिती क्या हक करता है

  1. यह साम्या का सर्वदा नियम रहा है कि एक व्यवहार्य वस्तु का समनुदेशिती को

समनुदेशन से बेहतर अधिकार उपलब्ध नहीं हो सकता।

  1. दूसरे शब्दों में समनुदेशिती उसको समनुदेशक के हाथों उसे प्रभावित करने वाली

सभी साम्याओं के अधीन प्राप्त करता है।

ताकि -

(1) यदि समनुदेशक और ऋणी के बीच संविदा शून्यकरणीय है तो ऋणी संविदा

के शून्यकरणीय लक्षण को समनुदेशिती के प्रति स्थापित कर सकता था,

भले ही समनुदेशन प्रतिफल मूल्यवान का था।

(2) यदि ऋणी को समनुदेशक के विरुद्ध प्रवृत्त करने का अधिकार था तो वही

(अधिकार) उसे समनुदेशिती के विरुद्ध प्राप्त होगा।

  1. तो भी, निर्धारित सूचना के बाद उद्भूत होने वाली साम्याओं से मुक्त होगा। एक

ऋणी सूचना के दिनांक पर समनुदेशिती के उन अधिकारों, जिस रूप में भी वे

हैं, को सूचना के दिनांक के बाद किसी कृत कार्य से समाप्त नहीं कर सकता

है।