पुनरीक्षण अधिकारिता - Page 87

70 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

तथ्यों एवं प्रमाणित होने वाले तथ्यों के बीच संबंधन अत्यधिक संभाव्य और

सह अस्तित्व प्रकट करने जैसा मध्यवर्ती होना चाहिए।

6 कलकत्ता 665 (662)

  1. इस धारा के अन्तर्गत ग्राह्य एक सहवर्ती तथ्य प्रकट करने के लिए यह (अ) उचित निर्णायक साक्ष्य द्वारा प्रस्थापित होना चाहिए और (ब) जब स्थापित हों, तब विवादित विषय के संबंध में एक समुचित धारणा या अनुमान प्रदान करें।

6 बम्बई एल.आर. 983

  1. इस धारा के निबंधन यद्यपि बहुत व्यापक हैं, अतः अधिनियम की अन्य धाराओं के अधीन पढ़े जाने चाहिए।

दृष्टांतः-

  1. रामानुजन बनाम किंग एम्परर।

58 मद्रास 523 एफ.बी.

रामानुजन सीताअम्मल की हत्या करने के लिए आरोपित किया गया था।

तथ्य पृ. 526 पर दिए गए हैं।

हत्या का कोई प्रत्यक्ष साक्षी नहीं था। अभियोजन ने निम्नानुसार तथ्यों का साक्ष्य प्रस्तुत कियाः

  1. कि सीताअम्मल ने जब अपने पति का घर छोड़ दिया, अपने जेवर एवं चांदी

के बर्तन ले जाकर कैदियों के साथ रहने लगी।

  1. कि सीताअम्मल और अभियुक्त अलग-अलग कई पतों (स्थानों) पर एक

साथ रहे।

  1. कि वे 24 पेड्डुनायकन स्ट्रीट पर 11 जनवरी को अंतिम बार देखे गए थे।

  2. 12 की सुबह जब दूधवाली गई तो कमरा बंद था।

  3. कि लगभग 13 जनवरी को उसने सीताअम्मल से संबंधित कुछ गहनों को

बंधक किया।

  1. कि उसने एक ऐसी चटाई खरीदी जिसमें शव लपेटा जाना था।

  2. एक आरोपित ऋण के भुगतान को प्रमाणित करने की मांग की दीर्घ निरन्तर अनुपस्थिति।

  3. एक भरण-पोषण के मामले में पितृत्व को प्रमाणित करने के लिए प्रतिवादी से बच्चे की समरूपता।

11 (2) तथ्य जो विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य के साथ असंगत हैं या जो उनको अत्यधिक असंभावित बनाते हैं।

दृष्टांतः-

(1) ऋण दिए गए धन के एक मामले में, कथित ऋणदाता की गरीबी सुसंगत