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है जो साधारणतः प्रयोग में आता है तो वह व्यवहार है।
बी. प्रथा हो सकती है।
(i) निजी प्रथा - पारिवारिक प्रथा।
(ii) सामान्य प्रथा - लोगों के विशेष वर्ग की सामान्य प्रथा हो सकती है।
(अ) स्थानीय
(ब) जातीय या वर्गीय
(स) व्यापारिक प्रथा या व्यावहारिक प्रथा
(iii) लोक - अपरिभाषित।
सी. यह धारा सभी प्रथाओं और सभी रिवाजों पर प्रयुक्त होती है।
- एक साक्ष्य, साक्ष्य है यदि वह कार्यों या दृष्टांतों जिनमें अधिकार या प्रथा उद्भूत हुई के लिए दिया जाता है।
अ. संव्यवहार एवं दृष्टांत का अभिप्राय।
(1) कोई व्यापार या संव्यवहार जो दो या अधिक व्यक्तियों के मध्य किया
गया।
(2) दृष्टांत - वाद घटित होना - एक विशेष ढंग में वैयक्तिक कार्यवाही।
ब. कार्यवाहियों के पक्षों के मध्य वादों में पूर्ववर्ती कार्यों के प्रति प्रमाण प्रतिबंधित नहीं है। शब्द कोई का प्रयोग दर्शाता है कि वाद के पक्षों के मध्य इसके होने की आवश्यकता नहीं है। यह अजनबियों के मध्य हो सकता है या वाद के पक्ष और अजनबी के मध्य हो सकता है।
स. शब्द कार्य एवं दृष्टांत ने एक परेशानी पैदा कर दी है और प्रश्न उठा दिया है कि क्या यह एक निर्णीत डिक्री एवं वाद है जिसमें वे उन्हीं पक्षों के मध्य न होने वाले और एक लोक प्रकृति के न होने से घोषित किए गए थे को, एक कार्य या दृष्टांत के साक्ष्य के रूप में घोषित करता है।
गज्जूलाल बनाम फतेहलाल 6 कलकत्ता 171, में इस प्रश्न पर विचार किया गया था।
वह तथ्य, जो विवाद्यक तथ्यों या सुसंगत तथ्यों के साथ संगत है या जो एक विवाद्यक तथ्य या एक सुसंगत तथ्य बनाते हैं, अत्यधिक संभावित है।
धारा निःसन्देह इतने प्रशर्तों एवं इतने विस्तीर्ण शब्दों में व्याख्यायित है कि
कोई भी तथ्य जो एक अन्य तथ्य के साथ तर्कों की शृंखलाओं के द्वारा
संबंध में लाया जा सकता है ताकि एक विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य पर
प्रभावी होने से संभवतः ग्रहण करने योग्य हो सकता है।
- यह कि विधायिका द्वारा ऐसा व्यापक अभिप्राय अभिच्छित नहीं था, यह शब्द
अत्यधिक स्पष्ट है। शब्द ‘अत्यधिक संभावना’ इंगित करते हैं कि विवाद्यक