छः - तलाती, गुजरात - Page 40

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भीख माँगी और दुबारा ऐसा न करने का वायदा किया और नौकरी छोड़ने का भी वायदा किया। मुझे शाम सात बजे तक वहाँ रखा गया जब तक कि भीड़ तितर-बितर नहीं हो गई। तब तक मुखिया और तालाती नहीं आए थे। उसके पश्चात् मैंने 15 दिन की छुट्टठ्ठी ली और अपने माँ-बाप के पास बम्बई लौट आया।य्