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(3) दक्षिण अफ्रीका का संविधान धारा 57
भारत सरकार अधिनियम में ऐसी कोई धारा नहीं है जिसके अन्तर्गत विधानमंडल को कोई विशेषाधिकार दिया गया हो।
भारत सरकार अधिनियम के अंतर्गत विधानमंडल के सदस्यों को केवल दो विशेषाधिकार दिए गए हैं।
I. भाषण की स्वतंत्रता
धारा 67 (7)
भारतीय विधानमंडल के दोनों सदनों में भाषण की स्वतंत्रता होगी। किसी सदन में भाषण देने या मतदान करने या किसी सदन की कार्यवाही के अधिकारिक विवरण में कोई महत्त्वपूर्ण बात होने पर किसी व्यक्ति के विरुद्ध किसी न्यायालय में कोई कार्यवाही नहीं होगी।
धारा 72 घ (7)
राज्यपाल की विधानसभा में भाषण की स्वतंत्रता होगी। ऐसी सभा में भाषण देने या मतदान करने अथवा ऐसी सभा के अधिकारिक विवरण में कोई अन्य बात होने पर किसी व्यक्ति के विरुद्ध किसी कार्यालय में कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी।
भाषण की स्वतंत्रता या विशेषाधिकार दो प्रतिबन्धों के अध्याधीन है।
स्थायी आदेश
अधिकारिक रिपोर्ट
II. गिरफतारी से मुक्ति
यह विशेषाधिकार भारत सरकार अधिनियम के अन्तर्गत नहीं दिया गया है। यह भारतीय विधानमंडल में एक अधिनियम के अन्तर्गत दिया गया है जिसका नाम विधनमंडल सदस्य को छूट अधिनियम 1925 है। (1925 की संख्या 23)
इस अधिनियम के अधीन
भारत सरकार अधिनियम के अंतर्गत गठित विधानसभाओं के सदस्य जूरी के सदस्य या कोर्ट के सलाहकार के रूप में काम करने के दायित्व से मुक्त हैं।
किसी व्यक्ति को दीवानी मुकदमें में गिरफतार या नजरबंद नहीं किया जा सकता-