अध्याय 1 - कार्यपालिका राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति - Page 138

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(4) राष्ट्रपति की उपलब्धियां और भत्ते उसकी पदावधि के

दौरान कम नहीं किए जाएंगे।

राष्ट्रपति या उस 49. प्रत्येक राष्ट्रपति और प्रत्येक व्यक्ति जो राष्ट्रपति के रुप व्यक्ति द्वारा जो में कार्य कर रहा है, पद ग्रहण करने से पूर्व, भारत के राष्ट्रपति के रुप मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष निम्नलिखित रुप में शपथ लेगा में कार्य कर रहा या प्रतिज्ञान करेगा अर्थात्-

है या उसके मैं अमुक ईश्वर की शपथ लेता हूँ कि मैं श्रद्वापूर्वक भारत कृत्यों का निर्वहन के राष्ट्रपति सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूँ कि मैं भारत कर रहा है, प्रतिज्ञान के राष्ट्रपति के पद का कार्यपालन (अथवा राष्ट्रपति के या शपथ के पद कृत्यों का निर्वहन) करुंगा तथा अपनी पूरी योग्यता से का कार्यपालन संविधान और विधि का परीक्षण/संरक्षण और प्रतिरक्षण

करुंगा और मैं भारत की जनता की सेवा और कल्याण

में निरत रहूँगा।

राष्ट्रपति पर 50. (1) जब राष्ट्रपति पर संविधान के अतिक्रमण के कारण महाभियोग चलाने महाभियोग चलाया जाना हो तो आरोप संसद के किसी की प्रक्रिया भी सदन द्वारा लगाया जाएगा।

(2) ऐसा कोई आरोप तब तक नहीं लगाया जाएगा जब तक

कि-

(क) ऐसा आरोप लगाने की प्रस्थापना किसी ऐसे संकल्प में

अंतर्विष्ट नहीं है जो उस सदन के कम से कम 30

सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित ऐसा संकल्प पेश करने के आशय

की लिखित सूचना दिये जाने के पश्चात् पेश किया गया

हो_ और

(ख) उस सदन की कुल सदस्य संख्या के कम से कम दो

तिहाई बहुमत द्वारा ऐसा संकल्प समर्थित न किया गया

हो।

(3) जब आरोप संसद के किसी सदन द्वारा इस प्रकार लगाया

गया है तब दूसरा सदन उस आरोप का अन्वेषण करेगा

या करवायेगा और ऐसे अन्वेषण में उपस्थित होने का

तथा अपना प्रतिनिधित्व कराने का राष्ट्रपति को अधिकार

होगा।