अध्याय 1 - कार्यपालिका राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति - Page 140

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राष्ट्रपति के रुप (2) जब राष्ट्रपति अनुपस्थिति, बीमारी या अन्य किसी कारण में कार्य करना या से अपने कृत्यों का निर्वहन करने में असमर्थ है तब उसके कृत्यों का उपराष्ट्रपति उस तारीख तक उसके कृत्यों का निर्वहन निर्वहन करेगा जिस तारीख को राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों को फिर

से संभालता है।

(3) उपराष्ट्रपति को उस अवधि के दौरान और उस अवधि के

संबंध में, जब वह राष्ट्रपति के रुप में इस प्रकार कार्य

कर रहा है या उसके कृत्यों का निर्वहन कर रहा है,

राष्ट्रपति की सभी शक्तियां और उन्मुक्तियां होंगी।

उपराष्ट्रपति 55. (1) उपराष्ट्रपति का निर्वाचन संयुक्त अधिवेशन का निर्वाचन में समवेत संसद के दोनों सदनों के सदस्यों द्वारा

आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय

मत द्वारा होगा और ऐसे निर्वाचन में मतदान गुप्त

होगा।

(2) उपराष्ट्रपति संसद के किसी सदन का या किसी राज्य के

विधानमंडल के किसी सदन के किसी सदन का या

किसी राज्य के विधानमंडल का कोई सदस्य उपराष्ट्रपति

निर्वाचित हो जाता है तो यह समझा जाएगा कि उसने उस

सदन में अपना स्थान उपराष्ट्रपति के रुप में अपने पद

ग्रहण की तारीख से रिक्त कर दिया है।

(3) कोई व्यक्ति उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने का पात्र तभी

होगा जब वह-

(क) भारत का नागरिक है,

(ख) पैंतीस वर्ष की आयु पूरी कर चुका है, और

(ग) राज्यसभा का सदस्य निर्वाचित होने के लिए अर्हित

है।

(4) कोई भी व्यक्ति उपराष्ट्रपति के चुनाव का पात्र नहीं।

होगा यदि वह भारत सरकार अथवा राज्य सरकार अथवा किसी अन्य स्थानीय अथवा प्राधिकरण के अंतर्गत,

अर्थात् सरकारों में से किसी के नियंत्रण में बशर्ते

परिलब्धियों का कार्यालय अथवा पद धारित है।