अध्याय 1 - कार्यपालिका राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति - Page 141

122 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

स्पष्टीकरण- इस खंड के प्रयोजनों के लिए कोई व्यक्ति केवल इस कारण कोई उपलब्धि का पद या स्थान धारण करने वाला नहीं समझा जाएगा कि- (क) वह या तो भारत का या पहली अनुसूची के भाग-1 में तत्समय विनिर्दिष्ट किसी राज्य का मंत्री है_ या (ख) पहली अनुसूची के भाग-3 में तत्समय विनिर्दिष्ट किसी राज्य के विधानमंडल के प्रति उत्तरदायी है अथवा जहां उस राज्य के विधानमंडल के अवर सदन के प्रति उत्तरदायी है और यदि यथास्थिति, ऐसे विधानमंडल या सदन के कम से कम तीन-चौथाई सदस्य निर्वाचित

हैं।

(5) उपराष्ट्रपति के पद की अवधि समाप्त होने के कारण उत्पन्न रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन उस अवधि की समाप्ति से पहले पूरा कर लिया जाएगा। (6) उपराष्ट्रपति के पद में, उसकी मृत्यु, पद त्याग देने या हटाये जाने या अन्य कारण से हुई रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन रिक्ति होने के पश्चात् यथा-संभव शीघ्र किया जाएगा, और ऐसी रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्यक्ति की पांच वर्ष की पूरी अवधि तक पद धारण करने का हक होगा जैसा कि संविधान के अनुच्छेद 56 में उपबंधित है।

उपराष्ट्रपति 56. उपराष्ट्रपति अपने पद ग्रहण की तारीख से पांच वर्ष की की पदावधि अवधि तक पद धारण करेगा परंतु- (क) उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकेगा_

(ख) उपराष्ट्रपति, राज्यसभा के ऐसे संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया जा सकेगा जिसे राज्यसभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत ने पारित किया है और जिससे लोकसभा सहमत है। किन्तु यह तब तक प्रस्तावित नहीं किया जाएगा जब तक कि उस संकल्प को प्रस्तावित करने का आशय कि कम से कम चौदह दिन की सूचना न दे दी गई हो_