अध्याय 1 - कार्यपालिका राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति - Page 145

126 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

भारत का महान्यायवादी

* भारत का 63. (1) राष्ट्रपति, उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने महान्यायवादी के लिए अर्हित किसी व्यक्ति को भारत का महान्यायवादी

नियुक्त करेगा।

(2) महान्यायवादी का कर्तव्य होगा कि वह भारत सरकार को

विधि संबंधी ऐसे विषयों पर सलाह दे और विधिक

स्वरूप के ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करे जो राष्ट्रपति

उसको समय-समय पर निर्देशित करे या सौंपे और उन

कृत्यों का निर्वहन करे जो उसको इस संविधान अथवा

तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि द्वारा या उसके अधीन

प्रदान किए गए हों।

(3) महान्यायवादी को अपने कर्तव्यों के पालन में भारत के

राज्यक्षेत्र में सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार

होगा।

(4) महान्यायवादी, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करेगा

और ऐसा पारिश्रमिक प्राप्त करेगा जो राष्ट्रपति अवधारित

करें।

सरकारी कार्य का संचालन

भारत सरकार के 64. (1) भारत सरकार की समस्त कार्यपालिका कार्यवाई राष्ट्रपति कार्य का संचालन के नाम से की हुई कार्य का संचालन कहीं जाएगी।

(2) राष्ट्रपति के नाम से किए गए और निष्पादित आदेशों और

अन्य लिखतों को ऐसी रीति से अधिप्रमाणित किया

जाएगा जो राष्ट्रपति द्वारा बनाए जाने वाले विनयमों में

विनिर्दिष्ट की जाए और इस प्रकार अधिप्रमाणित आदेश

या लिखत की विधिमान्यता इस आधार पर प्रश्नगत नहीं

की जाएगी कि वह राष्ट्रपति द्वारा किया गया या

निष्पादित आदेश या लिखत नहीं है।

* . समिति ने ‘‘भारत का महाधिवक्ता’’ के स्थान पर ‘‘भारत का महान्यायवादी’’ पद भागतः उसे प्रांतीय

महाधिवाक्ताओं से सुभिन्न करने के लिए और भागतः यू.के. और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे अन्य

देशों में प्रचलित शब्दावली को अपनाने के लिए रखा है।