150 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
अध्याय-4
संघ की न्यायपालिका
उच्चतम न्यायालय 103. (1) भारत का एक उच्चतम न्यायालय होगा जो भारत के मुख्य की स्थापना न्यायमूर्ति और सात से अनधिक अन्य न्यायाधीशों की और गठन उतनी संख्या से, या जितनी संसद विधि द्वारा विहित करे,
मिलकर बनेगा।
(2) उच्चतम न्यायालय के और राज्यों के उच्च न्यायालयों के
ऐसे न्यायाधीशों से परामर्श करने के पश्चात्, जिनसे
राष्ट्रपति इस प्रयोजन के लिए परामर्श, करना आवश्यक
समझे, राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र
द्वारा उच्चतम न्यायालय के प्रत्येक न्यायाधीश को नियुक्त
करेगा और वह न्यायाधीश तब तक पद धारण करेगा जब
तक वह पैंसठ वर्ष की आयु प्राप्त नहीं कर लेता है_ परंतु
मुख्य न्यायमूर्ति से भिन्न किसी न्यायाधीश की नियुक्ति
की दशा में भारत के मुख्य न्यायमूर्ति से सदैव परामर्श
किया जाएगाः
परंतु यह और कि-
(क) कोई न्यायधीश, राष्ट्रपति को संबोधित अपने हस्ताक्षर
सहित, लेख द्वारा अपना पद त्याग सकेगा_
(ख) किसी न्यायाधीश को खंड (4) में उपबंधित रीति से
उसके पद से हटाया जा सकेगा।
(3) कोई व्यक्ति, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रुप में
नियुक्ति के लिए तभी अर्हित होगा जब वह भारत का
नागरिक ह,ै और-
(क) किसी उच्च न्यायालय का या ऐसे दो या अधिक
न्यायालयों का लगातार कम से कम पांच वर्ष तक
न्यायाधीश रहा है_ या