अध्याय 1-साधरण एवं अध्याय-2 कार्यपालिका - Page 192

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राज्य का महाधिवक्ता

राज्य का 145. (1) प्रत्येक राज्य का राज्यपाल, उच्च न्यायालय का न्यायाधीश महाधिवक्ता नियुक्त होने के लिए अर्हित किसी व्यक्ति को राज्य का

महाधिवक्ता नियुक्त करेगा।

(2) महाधिवक्ता का यह कर्तव्य होगा कि वह उस राज्य की

सरकार को विधि संबंधी ऐसे विषयों पर सलाह दे और

विधि स्वरुप ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करे जो

राज्यपाल उसको समय-समय पर निर्देशित करे या सौंपे

और उन कृत्यों का निर्वहन करे जो उसको इस संविधान

अथवा तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि द्वारा या उनके

अधीन प्रदान किए गए हों।

(3) महाधिवक्ता राज्य में मुख्यमंत्री के त्यागपत्र पर पद त्याग

कर देगा किन्तु वह तब तक पद पर बना रह सकता है

जब तक उसका उत्तराधिकारी नियुक्त नहीं कर दिया

जाता अथवा वह पुनःनियुक्त नहीं कर दिया जाता।

(4) महाधिवक्ता ऐसा पारिश्रमिक प्राप्त करेगा जो राज्यपाल

अवधारित करे।

सरकारी कार्य का संचालन

राज्य की 146. (1) किसी राज्य की सरकार की समस्त कार्यपालिका कार्रवाई सरकार के राज्यपाल के नाम से की हुई कही जाएगी। कार्य का (2) राज्यपाल के नाम से किए गए और निष्पादित आदेशों संचालन और अन्य लिखितों को ऐसी रीति से अधिप्रमाणित किया

जाएगा जो राज्यपाल द्वारा बनाए जाने वाले नियमों में

विनिर्दिष्ट की जाए और इस प्रकार अधिप्रमाणित आदेश

या लिखित की विधिमान्यता इस आधार पर प्रश्नगत नहीं

की जाएगी कि वह राज्यपाल द्वारा किया गया या

निष्पादित आदेश या लिखित नहीं है।