अध्याय 1-साधरण एवं अध्याय-2 कार्यपालिका - Page 191

172 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

(3) इस प्रश्न की किसी न्यायालय में जांच नहीं की जाएगी

कि क्या मंत्रियों ने राज्यपाल को कोई सलाह दी, और

यदि दी तो क्या दी।

मंत्रियों के 144. (1) राज्यपाल के मंत्रियों की नियुक्ति उसके द्वारा की जाएगी बारे में अन्य और वे राज्यपाल के प्रसादपर्यंत अपने पद धारण करेंगे। उपबंध

परन्तु बिहार, मध्य प्रदेश और उड़ीसा राज्यों में जन-जातियों

के कल्याण का भारसाधक एक मंत्री होगा जो साथ ही

अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्ग के कल्याण का या

किसी अन्य कार्य का भी भारसाधक हो सकेगा।

(2) किसी मंत्री द्वारा पद ग्रहण करने से पहले राज्यपाल

तीसरी अनुसूची में इस प्रयोजन के लिए दिए गए प्रारुपों

के अनुसार उसको पद और गोपनीयता की शपथ

दिलवाएगा।

(3) कोई मंत्री जो निरंतर छह मास की किसी अवधि तक

राज्य के विधानमंडल का सदस्य नहीं है, उस अवधि की

समाप्ति पर मंत्री नहीं रहेगा।

(4) अपने मंत्रियों के चुनने में तथा उनसे अपने संबंधों में

राज्यपाल साधारणतया चौथी अनुसूची में वर्णित अनुदेशों

से मार्गदर्शित होगा किन्तु राज्यपाल द्वारा की गई किसी

चीज की विधिमान्यता इस आधार पर प्रश्नगत नहीं की

जाएगी कि वह ऐसे अनुदेशों के अनुसार न करके अन्यथा

की गई थी।

(5) मंत्रियों के वेतन और भत्ते ऐसे होंगे जो राज्य का

विधानमंडल, विधि द्वारा समय-समय पर अवधारित करे

और जब तक उस राज्य का विधान मंडल इस प्रकार

अवधारित नहीं करता है तब तक ऐसे होंगे जो दूसरी

अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं।

(6) मंत्रियों की नियुक्ति और पद्च्युति के संबंध में इस

अनुच्छेद के अधीन राज्यपाल के कृत्यों का पालन उसके

द्वारा अपने विवेकानुसार किया जाएगा।