अध्याय 10 - राज्यों के लिए प्रमुख लेखा परीक्षक - Page 231

212 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

अध्याय 10

* राज्यों के लिए प्रमुख लेखा परीक्षक

राज्य के लिए 210. (1) पहली अनुसूची के भाग-1 में तत्समय विनिर्दिष्ट किसी प्रमुख लेखा राज्य का विधानमंडल विधि द्वारा राज्य के लिए प्रमुख परीक्षक लेखा परीक्षक को नियुक्ति के लिए उपबंध कर सकेगा

और जब ऐसा उपबंध कर दिया गया हो तो उस राज्य के

लिए प्रमुख लेखा परीक्षक राज्यपाल द्वारा अपने विवेकानुसार

नियुक्त किया जा सकेगा और इस प्रकार नियुक्त प्रमुख

लेखा परीक्षक को उसके पद से वैसी ही रीति से और

उन्हीं आधारों पर ही जैसे उस राज्य के उच्च न्यायालय

के न्यायाधीश को हटाया जाएगा।

(2) किसी राज्य के विधानमंडल द्वारा इस अनुच्छेद के खंड

(1) के अधीन पारित अधिनियम में उपबंध किया

जाएगा कि राज्य के लिए किसी प्रमुख लेखा परीक्षक की

नियुक्ति तब तक नहीं की जाएगी जब तक कि अधिनियम

की अनुमति के पश्चात् प्रकाशन की तारीख से कम से

कम तीन वर्ष नहीं बीत जाते।

(3) ऐसे प्रत्येक अधिनियम में, प्रमुख लेखा परीक्षक की सेवा

शर्तें और वे कर्तव्य जिनका पालन किया जाएगा और वे

शक्तियां, जिनका राज्य के लेखाओं के संबंध में प्रमुख

लेखा परीक्षक द्वारा प्रयोग किया जाएगा, विहित की

जाएगी और प्रमुख लेखा परीक्षक को या बाबत संदेय

वेतन, भत्ते और पेंशन की घोषणा की जाएगी जो राज्य

के राजस्व पर भारित होंगे।

(4) राज्य का प्रमुख लेखा परीक्षक भारत का महालेखा

परीक्षक या पहली अनुसूची के भाग 1 में तत्समय

* . समिति की राय है कि किसी राज्य में महालेखा परीक्षक के कार्य करने वाला व्यक्ति प्रमुख लेखा परीक्षक

के रूप में पदाभिहित किया जाएगा जिससे कि वह भारत के महालेखा परीक्षक से सुभिन्न हो सके।