भाग 7 - पहली अनुसूची के भाग 2 के राज्य - Page 233

भाग 7

* पहली अनुसूची के भाग 2 के राज्य

पहली अनुसूची 212. (1) इस भाग के अन्य उपबंधों के अधीन रहते हुए पहली के भाग 2 के अनुसूची के भाग 2 में तत्समय विनिर्दिष्ट किसी राज्य राज्यों का का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा, मुख्य आयुक्त या उपराज्यपाल प्रशासन के माध्यम से जो उसके द्वारा नियुक्त किया जाएगा, या

पड़ोसी राज्य के राज्यपाल या शासक के माध्यम से, ऐसी

सीमा तक जो वह ठीक समझे कार्यवाही करते हुए

किया जाएगाः

परंतु राष्ट्रपति, पड़ोसी राज्य के राज्यपाल या शासक के

माध्यम से-

(क) संबोधित राज्यपाल या शासक से परामर्श करने के

पश्चात_ और

(ख) ऐसी रीति से जो राष्ट्रपति द्वारा अत्यंत समुचित समझी

जाएगी इस प्रकार इस प्रशासित किए जाने वाले राज्य के

लोगों की इच्छाओं को अभिनिश्चित करने के पश्चात् ही

कार्यवाही करेगा अन्यथा नहीं।

** (2) पहली अनुसूची के भाग 3 में तत्समय विनिर्दिष्ट कोई

रियासत जिसके शासक ने उस रियासत के शासन के

लिए या के संबंध में पूर्ण और अनन्य प्राधिकार,

प्राधिकारिता और शक्तियां भारत सरकार को अध्यर्पित

कर दी हैं, सभी बातों में उसी प्रकार प्रशासित होगी मानों

* . समिति की राय है कि पहली अनुसूची के भाग 2 में विनिर्दिष्ट राज्यों के गठन के बारे में, जो इस समय

मुख्य आयुक्त के प्रांत हैं जैसा कि मुख्य आयुक्तों के प्रांतों की तदर्थ समिति द्वारा अपनी सिफारिशों में

सुझाया गया था, कोई विस्तृत उपबंध करना आवश्यक नहीं है। इस भाग में प्रस्तावित पुनरीक्षित उपबंधों

से तदर्थ समिति की सिफारिशों को यदि वे संविधान सभा द्वारा अंगीकार कर ली जाती हैं, राष्ट्रपति

द्वारा आदेश द्वारा प्रभावी रूप दिया जा सकेगा।

** समिति ने यह खंड पहली अनुसूची के भाग 3 की रियासत के प्रशासन के लिए उपबंध करने के लिए

अंतःस्थापित किया है (जैसे उड़ीसा) जिसने भारत सरकार को पूर्ण और अनन्य प्राधिकार, अधिकारिता

तथा शक्तियां अध्यर्पित कर दी हैं।