* (2) संसद द्वारा इस प्रकार पारित किसी अधिनियम का
संशोधन या निरसन इसी रीति से पारित या अंगीकृत संसद
के अधिनियम द्वारा किया जा सकेगा, किन्तु उसका उस
राज्य के संबंध में संशोधन या निरसन जिसको वह लागू
होता है, उस राज्य के विधानमंडल के अधिनियम द्वारा
नहीं किया जाएगा।
** अंतर्राष्ट्रीय 230. इस अध्याय के पूर्वगामी उपबंधों में किसी बात के होते करारों को प्रभावी हुए भी, संसद को किसी अन्य देश या देशों के साथ की करने के लिए गई किसी संधि, करार या अभिसमय के कार्यान्वयन के विधान लिए भारत के संपूर्ण राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के
लिए कोई विधि बनाने की शक्ति है।
संसद द्वारा 231. (1) यदि किसी राज्य के विधानमंडल द्वारा बनाई गई विधि का बनाई गई कोई उपबंध संसद द्वारा बनाई गई विधि के जिसे विधियों और अधिनियमन करने के लिए संसद सक्षम है, किसी उपबंध राज्यों के के या समवर्ती सूची में प्रगणित किसी विषय के संबंध विधानमंडलों में विद्यमान विधि के किसी उपबंध के विरुद्ध है तो इस द्वारा बनाई गई अनुच्छेद के खंड (2) के अधीन रहते हुए, यथास्थिति विधियों में संसद द्वारा बनाई गई विधि, चाहे वह ऐसे राज्य के असंगति विधानमंडल द्वारा बनाई गई विधि से पहले या उसके बाद
में पारित की गई हो, या विद्यमान विधि अप्रभावी होगी
और उस राज्य की विधानमंडल द्वारा बनाई गई विधि उस
विरोध की मात्रा तक शून्य होगी।
(2) जहां पहली अनुसूची के भाग 1 में तत्समय विनिर्दिष्ट
राज्य के विधानमंडल द्वारा समवर्ती सूची में प्रगणित
* . समिति की राय है कि राज्यों की सम्पत्ति से संसद द्वारा पारित अधिनियम किसी राज्य के विधानमंडल
के जिसे वह लागू होता है, अधिनियम द्वारा संशोधित या निरसित नहीं होने देना चाहिए, किन्तु संसद
के अधिनियम द्वारा ही जो उसी प्रकार पारित या अंगीकृत किया गया है, जिससे मूल अधिनियम द्वारा
पारित या अंगीकृत किया गया था, संशोधित या निरसित किया जाना चाहिए। यह कामनवेल्थ ऑफ
आस्ट्रेलिया कांस्टीट्यूशन एक्ट की धारा 109 के साथ पठित धारा 51( xxxvii ) के अनुसार रखी गई
है।
** समिति की राय है कि संसद को किसी देश या देशों के साथ की गई किसी संधि करार या अभिसमय
के कार्यान्वयन के लिए किसी राज्य या उसके किसी भाग के लिए कोई विधि बनाने की असीमित
शक्ति होनी चाहिए।