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अध्याय 2
प्रशासनिक संबंध
साधारण
राज्यों की 233. प्रत्येक राज्य की कार्यपालिका शक्ति का इस प्रकार और संघ प्रयोग किया जाएगा जिससे संसद द्वारा बनाई गई विधियों की बाध्यता का और ऐसी विद्यमान विधियों का जो उस राज्य में लागू
है, अनुपालन सुनिश्चित रहे और संघ की कार्यपालिका
शक्ति का विस्तार किसी राज्य को ऐसे निर्देश देने तक
होगा जो भारत सरकार को उस प्रयोजन के लिए
आवश्यक प्रतीत हो।
संघ के प्राधिकार 234. (1) प्रत्येक राज्य की कार्यपालिका शक्ति का इस प्रकार में कोई अड़चन प्रयोग किया जाएगा जिससे संघ की कार्यपालिका शक्ति न डालने या के प्रयोग में कोई अड़चन न हो या उस पर कोई प्रतिकूल प्रतिकूल प्रभाव प्रभाव न पड़े और संघ की कार्यपालिका शक्ति का न डालने का विस्तार किसी राज्य को ऐसे निर्देश देने तक होगा जो राज्यों का कर्तव्य भारत सरकार को इस प्रयोजन के लिए आवश्यक प्रतीत
हो।
(2) संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार राज्य को ऐसे
संचार साधनों के निर्माण और बनाए रखने के बारे में
निर्देश देने तक भी होगा जिनका राष्ट्रीय या सैनिक महत्व
का होना उस निर्देश में घोषित किया गया हैः
परंतु इस खंड की कोई बात किसी राजमार्ग या जलमार्ग
को राष्ट्रीय राजमार्ग या राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित करने की
संसद की शक्ति को अथवा इस प्रकार घोषित राजमार्ग या
जलमार्ग के बारे में संघ की शक्ति को अथवा सेना,
नौसेना और वायुसेना संकर्म विषयक अपने कृत्यों के
भागरुप संचार साधनों के निर्माण और बनाए रखने की
संघ की शक्ति को निर्बन्धित करने वाली नहीं मानी
जाएगी।