246 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
अध्याय-2
उधार लेना
भारत सरकार 268. संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार, भारत के राजस्व द्वारा उधार लेना का प्रतिभूमि पर ऐसी सीमाओं के भीतर, यदि कोई
हो, जिन्हें संसद समय-समय पर विधि द्वारा नियत करे, उधार
लेने तक और ऐसी सीमाओं के भीतर, यदि कोई हों,
जिन्हें इस प्रकार नियत करे, उधार लेने तक और ऐसी
सीमाओं के भीतर, यदि कोई हो, जिन्हें इस प्रकार नियत
किया जाए, प्रत्याभूति देने तक है।
राज्यों द्वारा 269. (1) इस अनुच्छेद के उपबंधों के अधीन रहते हुए, पहली उधार लेना अनुसूची के भाग 1 में तत्समय विनिर्दिष्ट राज्य की उधार लेना कार्यपालिका शक्ति का विस्तार, उस राज्य के राजस्व की
प्रतिभूमि पर ऐसी सीमाओं के भीतर, यदि कोई हो, जिन्हें
ऐसे राज्य का विधानमंडल समय-समय पर विधि द्वारा
नियत करे, भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर उधार लेने तक
और ऐसी सीमाओं के भीतर, यदि कोई हो, जिन्हें इस
प्रकार नियत किया जाए, प्रत्याभूति देने तक है।
(2) भारत सरकार, ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए, जो संसद
द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके अधीन
अधिकथित की जाएं, पहली अनुसूची के भाग 1 में
तत्समय विनिर्दिष्ट किसी राज्य को उधार दे सकेगी या
जहां तक पिछले अनुच्छेद के अधीन नियत किसी
सीमाओं का उल्लंघन नहीं होता है वहां तक किसी ऐसे
राज्य द्वारा लिए गए उधारों के संबंध में प्रत्याभूति दे
सकेगी और ऐसे उधार देने के प्रयोजन के लिए अपेक्षित
राशियां भारत राजस्व पर भारित की जाएंगी।
(3) यदि किसी ऐसे उधार का, जो भारत सरकार ने या उसकी
पूर्ववर्ती सरकार ने पहली अनुसूची के भाग 1 में या 3