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भाग 11
आपात उपबंध
आपात की 275. (1) यह राष्ट्रपति का समाधान हो जाता है कि गंभीर आपात उद्घोषणा विद्यमान है जिससे युद्ध या आंतरिक हिंसा के कारण
भारत की सुरक्षा संकट में है तो वह उद्घोषणा द्वारा इस
आशय की घोषणा कर सकेगा।
(2) इस अनुच्छेद के खंड (1) के अधीन जारी की गई
उद्घोषणा (जिसे इस संविधान में आपात उद्घोषणा कहा
गया है) -
(क) पश्चात्वर्ती उद्घोषणा द्वारा प्रतिसंहृत की जा सकेगी_
(ख) संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखी जाएगी_
(ग) छह मास बीतने पर प्रवर्तन में नहीं रहेगी जब तक कि
उस अवधि के बीतने से पहले उसे संसद के दोनों सदनों
के संकल्पों द्वारा अनुमोदित न कर दिया गया हो।
(3) आपात उद्घोषणा जिसमें यह घोषणा की गई हो कि
भारत की सुरक्षा युद्ध या आंतरिक हिंसा द्वारा संकट में है
युद्ध या ऐसी किसी हिंसा के वास्तविक घटने से पहले
की जा सकेगी यदि राष्ट्रपति का समाधान हो जाता है कि
उसका आसन्न संकट है।
आपात उद्घोषणा 276. जब आपात की उद्घोषणा प्रवर्तन में है तब- का प्रभाव (क) इस संविधान में किसी बात के होते हुए भी, संघ
की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार किसी राज्य को इस
बारे में निदेश देने तक होगा कि वह राज्य अपनी
कार्यपालिका शक्ति का किस रीति से प्रयोग करे_
(ख) किसी विषय के संबंध में विधियां बनाने की संसद की
शक्ति के अंतर्गत ऐसी विधियां बनाने की शक्ति होगी जो
उस विषय के संबंध में भारत सरकार को या भारत सरकार