भाग 11 - आपात उपबंध - Page 271

252 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

के अधिकारियों और प्राधिकारियों को शक्तियां प्रदान

करती है और उन पर कर्तव्य अधिरोपित करती है या

शक्तियों का प्रदान किया जाना और कर्तव्यों का अधिरोपित

किया जाना प्राधिकृत करती है।

जब आपात की 277. जब आपात की उद्घोषणा प्रवर्तन में है तब राष्ट्रपति, उद्घोषणा प्रवर्तन आदेश द्वारा, यह निर्देश दे सकेगा कि इस संविधान के में है तब राजस्वों अनुच्छेद 249 से अनुच्छेद 259 के सभी या कोई के वितरण संबंधी उपबंध ऐसी किसी अवधि के लिए, जो उस आदेश में उपबंधों का विनिर्दिष्ट किए जाएं और जो किसी भी दशा में उस लागू होना वित्तीय वर्ष की समाप्ति से आगे नहीं बढ़ेगी, जिसमें

ऐसी उद्घोषणा प्रवर्तन में नहीं रहती है, ऐसे अपवादों या

उपांतरणों के अधीन रहते हुए प्रभावी होंगे जो वह ठीक

समझे।

पहली अनुसूची 278. (1) यदि राष्ट्रपति का उस संविधान के अनुच्छेद 188 के के भाग-1 के अधीन किसी राज्य के राज्यपाल से प्रतिवेदन मिलने पर, राज्यों में तंत्र समाधान हो जाता है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है के विफल हो जिसमें उस राज्य का शासन इस संविधान के उपबंधों के जाने की दशा अनुसार नही चलाया जा सकता है तो राष्ट्रपति उद्घोषणा में उपबंध द्वाराः

(क) उस राज्य की सरकार के सभी या कोई कृत्य और

राज्यपाल में या राज्य के विधानमंडल से भिन्न राज्य के

किसी निकाय या प्राधिकारी में निहित या उसके द्वारा

प्रयोक्तव्य सभी या कोई शक्तियां अपने हाथ में ले

सकेगा_

(ख) यह घोषणा कर सकेगा कि राज्य के विधानमंडल की

शक्तियां संसद द्वारा प्रयोक्तव्य होगी।

और ऐसी किसी उद्घोषणा में ऐसे आनुषंगिक और

पारिणामिक उपबंध अंतर्विष्ट हो सकेंगे जो उसे उद्घोषणा

के उद्देश्यों को प्रभावी रुप देने के लिए आवश्यक या

वांछनीय प्रतीत हों जिसके अंतर्गत उस राज्य में किसी

निकाय या प्राधिकरण विषयक इस संविधान के किन्हीं

उपबंधों के प्रवर्तन पूर्णतः निलम्बित करने के उपबंध हैंः