अध्याय 11 - लोक सेवा आयोग - Page 280

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आवश्यक नहीं होगा।

(4) इस अनुच्छेद की कोई बात उस रीति के संबंध में जिससे

नियुक्तियां और पदों को संघ या किसी राज्य में विभिन्न

सम्प्रदायों के बीच आवंटित किया जाना है, लोक सेवा

आयोग से परामर्श किया जाना अपेक्षित नहीं करेगी। लोक सेवा 287. इस अनुच्छेद के उपबंधों के अधीन रहते हुए संसद द्वारा आयोगों के बनाए गए या किसी राज्य के विधानमंडल द्वारा बनाए गए कृत्यों का अधिनियम में यथास्थिति संघ लोक सेवा आयोग या राज्य विस्तार करने लोक सेवा आयोग द्वारा अतिरिक्त कृत्यों का पालन करने की शक्ति के लिए उपबंध किया जा सकेगाः

परंतु जहां अधिनियम किसी राज्य के विधानमंडल द्वारा

बनाया जाए वहां ऐसे अधिनियम का यह एक निबंधन

होगा कि उसके द्वारा प्रदत्त कृत्यों का पालन किसी

व्यक्ति के संबंध में जो राज्य की सेवाओं में से एक का

सदस्य नहीं है, राष्ट्रपति की सम्मति से ही किया जा

सकेगा अन्यथा नहीं।

लोक सेवा 288. संघ या राज्य लोक सेवा आयोग के व्यय, जिनके अंतर्गत आयोगों के व्यय आयोग के सदस्यों या कर्मचारीवृंद को या उनके संबंध में

संदेय कोई वेतन, भत्ते और पेंशन हैं, यथास्थिति भारत के

राजस्व या राज्य के राजस्व पर भारित होंगे।

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