262 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
भाग 13
निर्वाचन
निर्वाचनों का 289. (1) इस संविधान के अधीन आयोजित संसद के निर्वाचनों अधीक्षण, और राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के निर्वाचनों का अधीक्षण, निदेशन और निदेशन और नियंत्रण जिसके अंतर्गत संसद के निर्वाचनों नियंत्रण एक से या के संबंध में उत्पन्न शंकाओं और विवादों के निर्वाचन आयोग विनिश्चय के लिए निर्वाचन अधिकरणों की नियुक्ति भी में निहित होना है, एक आयोग में निहित होगा जो राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त
किया जाएगा।
(2) पहली अनुसूची के भाग 1 में तत्समय विनिर्दिष्ट किसी
राज्य के विधानमंडल के सभी निर्वाचनों का तथा राज्य के
राज्यपाल पद के निर्वाचनों/इस संविधान के अधीन
आयोजित राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति के प्रयोजन के
लिए एक पैनल बनाने के लिए निर्वाचनों * का अधीक्षण,
निदेशन और नियंत्रण एक आयोग में निहित होगा जो उस
राज्य के राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाएगा। **
संसद के 290. इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए संसद निर्वाचन समय-समय पर विधि द्वारा संसद के दोनों सदनों के
निर्वाचनों से संबंधित या संसक्त सभी विषयों के संबंध में
जिनके अंतर्गत संसद के दोनों सदनों का सम्यक गठन
तथा निर्वाचन-क्षेत्रों का परिसीमन सुनिश्चित करने के
लिए अन्य सभी आवश्यक विषय हैं, उपबंध कर
सकेगी।
* इस खंड में ‘‘राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति के प्रयोजन के लिए एक पैनल बनाने के लिए निर्वाचनों’’
शब्दों का प्रयोग ‘‘राज्य के राज्यपाल के पद के निर्वाचनों’’ शब्दों के स्थान पर करना होगा यदि अनुच्छेद ** 131 में दूसरे अनुकल्प को अंगीकार करना है। समिति की राय है कि पहली अनुसूची के भाग-1 राज्य के विधानमंडल के निर्वाचनों का अधीक्षण,
निर्देशन और नियंत्रण करने के लिए निर्वाचन आयोग राज्य के राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाना है।