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अनुच्छेद 289

मानीय सभापतिः पहले मैं डॉ. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तुत संशोधन पर मत लूँगा।

प्रश्न यह हैः

फ्कि प्रस्तावित अनुच्छेद 289 में सूची 1 के संशोधन संख्या 99 में -

(1) खंड (1) के अन्त में आने वाले शब्द ‘राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किए जाएंगे’ हटा दिए जाएं।

(2) ख्ांड (2) के स्थान पर निम्न खंड रख दिए जाएंः-

‘(2) निर्वाचन आयोग मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा, यदि कोई हो तो, अन्य उतने निर्वाचन आयुक्तों से जितने कि राष्ट्रपति समय-समय पर नियत करें, मिल कर बनेगा तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति, संसद द्वारा उस लिए बनाई हुई किसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए, राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी।’

‘(2 क) जब कोई अन्य निर्वाचन आयुक्त इस प्रकार नियुक्त किया गया हो तब मुख्य निर्वाचन आयुक्त निर्वाचन आयोग के सभापति के रूप में कार्य करेगा।’

(3) खंड (4) में फ्सेवा शर्तोंय् इन शब्दों से पूर्व फ्संसद द्वारा बनाए गए किसी प्रावधान के अन्तर्गतय् शब्द प्रविष्ट कर दिए जाएँ।य्

संशोधन स्वीकृत हुआ।

¹छः अन्य सदस्यों द्वारा रखे गए संशोधन अस्वीकृत हुए।ह्

(यथा संशोधित अनुच्छेद 289 संविधान में जोड़ा गया।)

¹सभा राष्ट्रपति द्वारा जुलाई 1949 में निर्धारित की जाने वाली किसी भी तारीख तक के लिए स्थगित हुईह्

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