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प्रविष्टि 46
* माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं इस संशोधन को स्वीकार नहीं कर सकता। ज्योंहि हमारी राजस्व की निर्धारण पद्धति इस समय ठीक की जाएगी, यह राज्य प्रशासन को पूर्णतः गडबड़ा देगी। इस मामले का जायजा उचित स्तर पर संसद अथवा विभिन्न राज्यों द्वारा किया जाना चाहिए और यदि वे किसी प्रकार की व्यवस्था करते हैं जैसे लगान लगाना और सिद्धांत स्वीकार किये गये जो आप कर लगाने में स्वीकार किये गये, बाद में प्रविष्टि को बदला जाए। आज यह बिल्कुल असंभव है। विमर्श हुआ और वे पूर्ण रूप से स्थान बदलने गये थे जो इस प्रविष्टि को दिए गये थे।
(दो संशोधन अस्वीकार किए गए। प्रस्ताव स्वीकार किया गया। प्रविष्टि 46 राज्य सूची में जोड़ी गयी।)
प्रविष्टि-48
श्री बृजेश्वर प्रसाद : श्रीमान, मैं प्रस्ताव पेश करने की आज्ञा चाहता हूँ।
‘‘कि संशोधनों की सूची के संशोधन संख्या 3631 में “छोड़ने“ शब्द के स्थान पर सूची I में अंतरित शब्द और अंक रखे जाए।’’
श्री शिब्बन लाल सक्सेना : श्रीमान, मैं अपना संशोधन संख्या 316 पेश करता हूँ।
“कि सूची II की प्रविष्टि 48 को सूची III में अंतरित कर दिया जाय“। माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं इसे स्वीकार नहीं करता।
(दोनों संशोधन अस्वीकार कर दिए गये। प्रविष्टि 48 राज्य सूची में जोड़ी गई।)
प्रविष्टि 49
** माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : जब प्रविष्टि 46 पर बात कर रहे थे, तब मैंने जो कारण दिए थे उनकी वजह से मैं संशोधन स्वीकार नहीं कर सकता।
* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 2 सितम्बर, 1949, पृ. 919
** ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 2 सितम्बर, 1949, पृ. 920