290 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
माननीय सभापति : संशोधन संख्या 148 और 149 और अस्वीकार किया जाता हैं। अब हमारे पास जो कम या अधिक उसी स्तर के हैं वे संशोधन संख्या 223, 224, 225 और 226 हैं। श्री वृजेश्वर प्रसाद क्या आप सं. 226 पेश करना चाहेंगे? शेष 3 मैं खारिज करता हूँ।
श्री बृजेश्वर प्रसाद : श्रीमन, अपने संशोधनों में से मैं किसी को पेश करना नहीं चाहता।
माननीय सभापति : तब मैं डॉ. अम्बेडकर के संशोधन संख्या 146 व 147 रखता हूँ।
(संशोधन स्वीकार हुए।)
* माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मेरा प्रस्ताव है कि (सूची 1 के
| vE | csMdj |
|---|
संशोधन संख्या 150 और 151 (सातवां सप्ताह) के संदर्भ में पैरा 19 और परिशिष्ट तालिका के स्थान पर निम्नलिखित पैरा व तालिका रखी जाएः-
“19 जनजाति क्षेत्र- नीचे की तालिका के भाग I और II में विनिर्दिष्ट क्षेत्र असम राज्य-क्षेत्र होगे।
(2) संयुक्त खासी जैन्तिया पहाड़ी जिले में वे क्षेत्र होंगे जो इस संविधान के लागू होने के पूर्व खासी राज्य और खासी और जैन्तिया जिले कहलाते थे। कुछ क्षेत्रों को छोड़कर जो तत्समय छावनी और शिलांग नगरपालिका क्षेत्र में आते हैं, लेकिन शिलांग नगरपालिका के क्षेत्र में मिले क्षेत्र को सम्मिलित करके, जैसे माइलियम के
खासी राज्य के भाग हैंः
परन्तु इस अनुसूची के पैरा 3 के उपपैरा (1) खण्ड (च) और (छ) पैरा 4 और पैरा 5 और पैरा 8 के उपपैरा (3) और (2) के उद्देश्य के लिए कोई क्षेत्र जो शिलांग नगरपालिका का क्षेत्र है जिले में नहीं समझा जायेगा।
(3) निम्न तालिका में किसी जिले (संयुक्त खासी और जैन्तिया या पहाडि़यां जिले से भिन्न) अथवा प्रशासनिक क्षेत्र का निर्देश इस संविधान के लागू होने की तारीख को उस जिले या क्षेत्र के रूप में माना जाएगा। परंतु निम्न तालिका के भाग 2 में विनिर्दिष्ट जनजाति क्षेत्र के अन्तर्गत मैदान क्षेत्र के ऐसे क्षेत्र शामिल नहीं होंगे जो
* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 6 सितम्बर, 1949, पृ. 1056