292 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
श्री टी. टी. कृष्णमाचारी : श्रीमन, क्या मैं इशारा करूं कि हम यहाँ इस मामले में पूर्णतः रुचि नहीं ले रहे और यहाँ धोखाधड़ी की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है।
माननीय सभापति : धोखा देने का यहाँ कोई प्रश्न नहीं है क्योंकि पैरा पूरी तरह स्पष्ट है कि वह शिलांग नगरपालिका को अलग करना चाहते हैं सिवाय उस भाग के जो माइलियम राज्य में सम्मिलित है।
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* माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मैं नहीं समझता कि मेरा संशोधन
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संख्या 331 पैरा 19 की नई-नई शब्दावली को बदलते हुए कोई कठिनाई पैदा करेंगे जैसा मैं समझता हूँ किसी को होती है। इसलिए मैंने आवश्यक नहीं समझा कि पैरा 19 के उपबन्धों की व्याख्या करने में अधिक समय लगाऊँ। लेकिन अब जब कड़वाहट पैदा करने वाली बहुत बहस हो चुकी है मैं पैरा 19 के नये उपबन्ध स्पष्ट करने के लिए बाध्य हूँ।
अब संविवाद का मुख्य भाग पैरा 19 के उपपैरा (2) पर केन्द्रित हो गया है, तब मैं कहना चाहूँगा कि इसका क्या अर्थ है। इसका अर्थ है कि जहाँ तक संयुक्त
खासी-जैन्तिया पहाडि़याँ जिले का सम्बन्ध है जो तालिका के भाग I प्रविष्टि 1 में कही गई है, क्षेत्र का वह भाग शिलांग नगरपालिका के क्षेत्र में आता है जो माइलियम राज्य के खासी भाग को बनाता है, संयुक्त खासी जैन्तिया पहाडि़याँ जिले का विशिष्ट भाग बनेगा या होगा। इसका अर्थ है कि माइलियम राज्य का भाग जो शिलांग में सम्मिलित किया गया है संयुक्त खासी-जैन्तिया पहाड़ी जिले का भाग बनाएंगे। यह महसूस किया गया है कि माइलियम राज्य का यह भाग वास्तव में अब पैरा 19 के नये उपबंधों के अधीन दो अलग-अलग अधिकार क्षेत्रों में है। यह शिलांग नगरपालिका के अधिकार क्षेत्र में है क्योंकि इस उपबंध के द्वारा हम शिलांग नगरपालिका की सीमायें नहीं बदल रहे हैं। शिलांग नगरपालिका की सीमायें, असम विधानमण्डल द्वारा पारित नगरपालिका अधिनियम में परिभाषित हैं, ठीक बनी रहती हैं। उस अधिनियम के अनुसार माइलियम राज्य का यह विशेष भाग नगरपालिका का भाग है। यह माना गया है कि यह दोहरा अधिकार क्षेत्र जैसे संयुक्त खासी-जैन्तिया पहाड़ी जिला और नगरपालिका बहस का विवाद/विषय बन जायेंगे। इस वाद-विवाद को समाप्त करने के लिए मैंने उपवाक्य खण्ड (2) से नियम जोड़ दिया है। नियम का प्रभाव यह है कि नियम में कहे गये उद्देश्यों के लिए संयुक्त खासी जैन्तिया पहाड़ी जिले की जिला सभा का अधिकार क्षेत्र समाप्त कर दिया गया है और किसी हद तक
* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 6 सितम्बर, 1949, पृ. 1074