16 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
अनुच्छेद 175
माननीय सभापति : क्या अब हम अनुच्छेद 172 लें? माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : फिलहाल हम इसे रहने दें।
माननीय सभापति : क्या हम अनुच्छेद 175 लें? माननीय डॉ. अम्बेडकर : हाँ।
श्री एच. वी. कामथ : 127अ के बारे में क्या करना है?
माननीय सभापति : वह 210 के साथ आयेगा।
अभी हम नया अनुच्छेद 175 लेते हैं। इसके लिए कुछ संशोधन हैं।
(संशोधन संख्या 16 व 17 प्रस्तावित नहीं किए गए।)
* माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : अध्यक्ष महोदय, मैं प्रस्ताव करने की प्रार्थना करता हूँ :
“कि अनुच्छेद 175 के उपबन्ध के लिए अधोलिखित उपबन्ध को प्रतिस्थापित किया जाएः
’बशर्ते कि राज्यपाल विधेयक को उसके सामने उसकी स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किए जाने के बाद जितनी जल्दी सम्भव हो उस विधेयक को यदि वह वित्तीय विधेयक नहीं है इस संदेश के साथ यह आग्रह करते हुए कि सदन अथवा दोनों सदन उस विधेयक अथवा उसके विशेष उपबन्धों पर पुनर्विचार करेंगे और विशेषतया इस प्रकार के संशोधनों जिनकी वे अपने संदेश में सिफारिश कर सकते हैं को पेश करने की वांछनीयता पर सदन या दोनों सदन विचार करके लौटा सकते हैं और इस तरह से जब विधेयक लौटाया जाता है, सदन अथवा दोनों सदन तदनुसार उस विधेयक पर पुनर्विचार करेंगे और यदि वह विधेयक संशोधन के साथ या इसके बिना सदन या दोनों सदनों द्वारा पारित कर दिया जाता है और राज्यपाल की स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाता है तो राज्यपाल उस पर अपनी स्वीकृति देने से इनकार नहीं करेगा।’“
महोदय, यह पुराने उपबन्ध के प्रतिस्थापन में है। पुराने उपबन्ध में तीन महत्वपूर्ण प्रावधान थे। पहला था कि इसने राज्यपाल को विधेयक को स्वीकृति के पूर्व विधानपालिका को लौटाने और विचार के लिए कुछ विशेष बिन्दुओं की सिफारिश
* ख्., सीएडी, खण्ड IX, 30 जुलाई, 1949, पृ. 41-42