भाग IV - Page 115

100 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

4. मैसूर

5. पटियाला और पूर्वी पंजाब संघ राज्य

6. राजस्थान

7. सौराष्ट्र

8. ट्रावनकोर-कोचीन

9. विंध्य प्रदेश

राज्य क्षेत्र

वे राज्य क्षेत्र जो इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले राजस्थान के संयुक्त राज्य के भाग थे और वे क्षेत्र जो भारत सरकार अधिनियम, 1935 की धारा 290क के अधीन पारित किए गए एक आदेश के अनुसरण में इस प्रकार से प्रशासन के अंतर्गत आने से पूर्व वे भाग जिन्हें उस प्रांत का भाग माना गया या अतिरिक्त प्रांतीय क्षेत्राधिकार अधिनियम, 1947 के अधिनियमों के अधीन उस प्रांत की सरकार द्वारा शासित होने से पूर्व इस क्षेत्र के भाग थे, इसके भाग होंगे।

वे राज्य क्षेत्र जो इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले कठियावाड़ (सौराष्ट्र) के संयुक्त राज्य के भाग थे और वे क्षेत्र जो भारत सरकार अधिनियम, 1935 की धारा 290क के अधीन पारित किए गए एक आदेश के अनुसरण में इस प्रकार से प्रशासन के अंतर्गत आने से पूर्व वे भाग जिन्हें उस प्रांत का भाग माना गया या अतिरिक्त प्रांतीय क्षेत्राधिकार अधिनियम, 1947 के अधिनियमों के अधीन उस प्रांत की सरकार द्वारा शासित होने से पूर्व इस क्षेत्र के भाग थे, इसके भाग होंगे।

अन्य राज्यों के प्रत्येक वे क्षेत्र उस प्रांत और क्षेत्र के भाग बनेंगे जो इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले उसके भाग थे।

भाग IV

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह’’

महोदय, मैं नहीं समझता कि मैंने जो संशोधन प्रस्तुत किया है, उसके लिए किसी स्पष्टीकरण की जरूरत है।

श्री जयनारायण व्यासः मैं यह जानना चाहता हूँ कि क्या सिरोही रियासत को कहीं रखा गया है या नहीं।